कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी का कचरा पिछले कई वर्षों से नगर परिषद व जिला प्रशासन के अफसरों के लिए बड़ा संकट बना हुआ है। इसका स्थायी समाधान कब होगा यह जवाब किसी के पास नहीं है, लेकिन समय-समय पर प्रयास के बावजूद भी अफसर इस संकट से नहीं निकल पा रहे हैं। अब फिर नगर परिषद व जिला प्रशासन के अफसरों के समक्ष संकट खड़ा हो गया है। अगले दो दिन बाद जहां साफ-सफाई व घर-घर से कचरा उठान की व्यवस्था चरमराने के हालात बन गए हैं वहीं इससे निपटने को लेकर अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं।
गांव बाहरी ग्राम पंचायत ने पहले किया था इकरार
बता दें कि नगर परिषद व ग्राम पंचायत बाहरी के बीच पांच एकड़ जमीन पर डंपिंग साइट बनाने का इकरार हुआ था, जिसके बाद यहां तैयारी भी शुरू कर दी गई थी लेकिन पिछले करीब एक सप्ताह से गांव में इसका विरोध होने लगा तो ग्राम पंचायत ने भी हाथ खड़े कर दिए यहां तक कि ग्राम पंचायत ने उपायुक्त से मिलकर भी इसका विरोध जताया तो वहीं शनिवार को भी फिर पंचायत हुई और सर्वसम्मति से इसके विरोध में प्रस्ताव पास किया। सोमवार को यह प्रस्ताव पंचायत प्रक्रिया में डाला जाना है। पंचायत उपायुक्त से मिली तो अगले ही दिन नप के ईओ देवेंद्र नरवाल व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे, जहां पर भी गांव बाहरी व आसपास के सरपंचों व अन्य ग्रामीणों ने भी यहां साइट बनाए जाने का कड़ा विरोध किया।
पिपली साइट को लेकर भी कल खत्म हो जाएगा अल्टीमेटम
फिलहाल नप पिछले कुछ साल से पिपली में बनाई डंपिंग साइट पर ही कचरा डाल रही थी। नप ने कचरा उठान का जिम्मा निजी फर्म को दिया है और उसे साइट उपलब्ध करवाना भी नप की जिम्मेदारी है। इस फर्म ने भी इसी साइट पर फिलहाल कचरा डालना शुरू किया था, लेकिन करीब 15 दिन पहले इस साइट के साथ स्थित सतलोक आश्रम के अनुयायियों ने कड़ा विरोध किया था। पहले भी कई बार विरोध किया, लेकिन इस बार नप ने 16 मई तक का समय मांगा था और उम्मीद थी कि गांव बाहरी में यह साइट तैयार हो जाएगी। अब वहां भी विरोध हो चुका, जिसके चलते फिर संकट खड़ा हो गया है।
पूरा गांव विरोध में : सरपंच
गांव के सरपंच सत्यप्रकाश किका कहना है कि पहले नप के साथ इकरार या गया था, लेकिन अब पूरा गांव विरोध में आ गया है। शनिवार को इसी विरोध को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है। वहीं आसपास के डेरे के लोग व गांव के सरपंच भी इसके विरोध में है। प्रशासन को अवगत करवा दिया है।
निकाला जाएगा समाधान : ईओ
नप ईओ देवेंद्र नरवाल का कहना है कि कचरे को लेकर उत्पन्न हुई समस्या का समाधान निकाले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है अगले एक-दो दिन में यह निपट जाएगी।