संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र आध्यात्मिक और आधुनिक ज्ञान का अद्भुत संगम है। यहां भगवान श्रीकृष्ण के अमर गीता संदेश की झलक मिलती है, वहीं प्रदेश का प्राचीनतम कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय व राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जैसा शिक्षण संस्थान हैं। यहां आयुर्वेद का ज्ञान देता पहला आयुष विश्वविद्यालय है तो एनआईडी जैसा डिजाइनिंग का संस्थान है। विज्ञान से रूबरू करवाता विज्ञान पनोरोमा व कल्पना चावला तारामंडल है तो संस्कृति के साक्षात दर्शन करवाता धरोहर संग्रहालय भी है। यह बातें समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समन्वयक विनोद कौशिक ने कहीं।
वे कुरुक्षेत्र भ्रमण के लिए आए मेधावी विद्यार्थियों के दल को जयराम संस्था में संबोधित कर रहे थे। बुधवार को कैथल जिला के विद्यार्थियों का दल भ्रमण के रवाना हुआ तो यमुना नगर जिले का दल धर्मनगरी पहुंचा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से मेधावी छात्रों के भ्रमण का यह एक सराहनीय प्रयास है, जिसके तहत बच्चों को अमृतसर, कपूरथला व कुरुक्षेत्र घूमने का अवसर मिला है। कौशिक ने कहा कि विद्यार्थियों को चाहिए कि वे नवीनतम ज्ञान ग्रहण करें और साथ ही अपनी संस्कृति व संस्कारों से भी जुड़ें रहें।
कौशिक ने बताया कि शिक्षा निदेशालय का यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम 16 अगस्त को शुरू हुआ था और 9 सितंबर भ्रमण चलेगा। हर दिन एक जिला के 100 विद्यार्थियों व 10 अध्यापकों दल कुरुक्षेत्र पहुंचेगा और विद्यार्थियों को धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों का दर्शन करवाया जाएगा। छात्रों को पैनोरमा साइंस म्यूजियम, श्री कृष्ण संग्रहालय, धरोहर संग्रहालय, ज्योतिसर, ब्रह्मसरोवर, भद्रकाली मंदिर इत्यादि प्रमुख स्थलों का दौरा करवाया जाएगा।
दल के रात्रि ठहराव व भोजन की व्यवस्था श्रीजयराम विद्यापीठ में की गई है। समग्र शिक्षा के एपीसी संजय कौशिक ने बताया कि पंचकुला जिले का दल 26, अंबाला जिला 27, सिरसा 28, फतेहाबाद जिला 29, हिसार जिला 30 व जींद जिला का दल 31 अगस्त को कुरुक्षेत्र भ्रमण करेगा। इस अवसर एपीसी संजय कौशिक, सतबीर कौशिक, डॉ सुनील कुमार, गिरधारी लाल शर्मा, प्यारे लाल, बलराम शर्मा, धनपत सिंह, पवन कुमार, अनिल कपूर, डॉ. राम मेहर अत्रि आदि मौजूद थे।