पिहोवा। चैत्र चौदस मेला ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। चैत्र की अमावस को सभी श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान व पूजा-पाठ करवाते हैं। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु भिन्न-भिन्न राज्यों से पिहोवा के सरस्वती तट पर आते हैं।
बातचीत करते हुए एसडीएम सोनू राम ने कहा कि चैत्र चौदस मेले में भिन्न-भिन्न राज्यों के लोगों द्वारा सरस्वती सरोवर में स्नान किया जाता है व अपने पूर्वजों की आत्मा की सुख-शांति के लिए पिंडदान किया जाता है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाने के साथ-साथ सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि शहर में सभी जगह सीसीटीवी की पैनी नजर हर व्यक्ति पर रहेगी ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या चोरी न हो सके। इसके अतिरिक्त विशेष तौर पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। विभिन्न व्यवस्थाओं को अंजाम देने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे, जिनके लिए कमेटियों का गठन किया गया था। इन कमेटियों के समक्ष सोमवार को सभी टेंडर खोले गए तथा व्यवस्थाओं को आवंटित किया गया।