कुरुक्षेत्र/पिहोवा। स्याणा सैदां गांव में पुलिस ने तीन वर्षीय बच्चे समेत उसके पिता के शव को जलती चिताओं से बाहर निकाला। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम बुलाकर चिताओं से नमूने एकत्रित करके जांच के लिए भेज दिए। संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया था।
जांच अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि स्याणा सैदां गांव निवासी 40 वर्षीय शेर सिंह और उसके बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सूचना पर पुलिस गांव में पहुंची तो दोनों की चिताएं जल रही थी। पुलिस ने चिता को ठंडा कर दोनों के शवों के नमूने एकत्रित करवाए। हालांकि शव करीब 90 फीसदी जल चुके थे। बलविंद्र ने बताया कि उसके भाई का लड़का शेर सिंह अपने बच्चों सहित अपने माता- पिता से अलग रहता था। उसके पास तीन बच्चे हैं, जिसमें सबसे छोटा परम था। सुबह शेर सिंह का बड़ा बेटा हरि सिंह उसके पास आया और बताया कि उसके पापा और उसका छोटा भाई उठ नहीं रहे हैं। वे तुरंत मौके पर पहुंचे तो देखा कि वे दोनों मृत अवस्था में थे। परिजनों के अनुसार शेर सिंह और उसके बेटे ने गलती से कोई नशीली दवा खा ली है। इस कारण उनकी मौत हो गई।
उधर, थाना सदर पिहोवा प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि शेर सिंह तलाकशुदा था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चिताओं से नमूने एकत्रित करके जांच के लिए भेजे हैं। फॉरेंसिक की रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।