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दशानन के पुतले का हुआ दहन, खुशी में झूमे लोग

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कुरुक्षेत्र। थीम पार्क में दशहरा मेले के दौरान रावण, कुभकरण व मेघनाथ, पुतले दहन को देखते शहरवासी? - फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला दशहरा पर्व हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया। थीम पार्क में आयोजित उत्सव में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन भगवान श्रीराम द्वारा तीर चलाकर किया गया। इससे पहले सोने की लंका भी बजरंग बली हनुमान द्वारा जलाई गई। रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतलों के दहन को देखने के लिए शहर व आसपास से लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके चलते पुलिस के भी व्यवस्था बनाने में पसीने छूटे रहे। थानेसर के विधायक सुभाष सुधा बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे व अध्यक्षता पूर्व मंत्री एवं दशहरा कमेटी सरंक्षक अशोक अरोड़ा ने की।
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शाम चार बजे पुराना बस अड्डे से भव्य शोभायात्रा निकाली गई जोकि शाम पांच बजे थीम पार्क पहुंची। थीम पार्क में रावण दहन के साथ-साथ लंका को रामभक्त हनुमान जी द्वारा जलाए जाने का दृश्य भी दिखाया गया। पुतलों के ठीक सामने मैदान में ही कृत्रिम लंका का निर्माण किया गया था, जिसे शोभायात्रा के हनुमान ने जलाकर खाक कर दिया। इसके अलावा दर्शकों को आकर्षित करने के लिए रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। रंगीन आतिशबाजी का रंगारंग कार्यक्रम दिखाया गया जोकि सांझ ढलने पर लोगों का लुभाने का काम करती रही। इसके अलावा बास पर चलने वाले कलाकारों ने भी लोगों का खूब मनोरंजन किया। विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि दशहरे के अवसर पर सभी देशवासियों को ये संकल्प लेना चाहिए कि वे अपने मन की भीतरी बुराइयों को दूर कर समाज और देश हित में अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि आज देश भर में यह पर्व मनाया जा रहा है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन हमें अच्छाई की राह पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। दशहरा उत्सव में विशिष्ट अतिथि के तौर पर हरीश लूथरा ज्वेल सिंगला, डॉ. अनुराग कौशल, दीपक चोपड़ा, सुखजिंदर सिंह, के के पाठक, दीपक चोपड़ा, हरप्रीत सिंह, प्रदीप बिदान, राजन गुप्ता, कुलविंदर सिंह , दीपक चिब और दीपक बंसल मौजूद रहे। कार्यक्रम में साहिल सुधा, रामराज कौशिक, कवि बजाज, नितिन लाली, निशि गुप्ता, सुशील राणा, हरीश अरोड़ा, राकेश अरोड़ा, पंकज बजाज, आनंद बजाज, सुनील राजपाल, शमशेर कश्यप, अभिषेक छाबड़ा, दिवेन भाटिया, दीपक वर्मा, रजनीश गर्ग ने भी विशेष रूप से शिरकत की।
समाज में फैली बुराई जड़ से मिटाने का लें संकल्प : अरोड़ा
उत्सव की अध्यक्षता कर रहे अशोक अरोड़ा ने कहा कि युग भले कोई भी हो परंतु बुराई पर अच्छाई की जीत हर युग में होती आई है और होती रहेगी। उन्होंने हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से आह्वान किया कि वे इस मैदान से यह प्रण लेकर जाएं कि वे समाज में फैली बुराईयों को जड़ से मिटाने में एकजुट होकर कार्य करेंगे। उन्होंने लोगो से कन्या भ्रूण हत्या न करने पर विशेष प्रण लेने की अपील की।
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दोपहर को जुटनी शुरू हो गई थी भीड़
दशहरा उत्सव में भाग लेने के लिए दोपहर से ही ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने पहुंचना शुरू कर दिया था। दोपहर के समय मैदान में लगे रावण के 60 फुट, कुंभकरण के 55 तथा मेघनाथ के 45 फुट ऊंचे पुतलों के निकट बच्चे फोटो खिंचवाते नजर आए। यहीं नहीं जैसे ही तीनों पुतलों का दहन किया तो हर किसी कोई अपने मोबाइल में इन्हें कैद करने की होड़ लग गई। उत्सव को सफल बनाने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के अलावा मैदान में योजनाबद्ध तरीके से लोगों के खड़े रहने, बैठने की व्यवस्था की गई थी। थीम पार्क के चारों ओर अस्थाई दुकानें बनाई गई थी जिन पर लोग विशेषकर बच्चे खरीददारी करते दिखाई दिए।
लकड़ियां उठाने में जलाए हाथ
रावण दहन के बाद लोगों ने रावण की अस्थियों को उठाने में भी जल्दबाजी की। रावण उस समय तक पूरी तरह से जला भी नहीं था और लोग पुतले की ओर दौड़ पड़े। कई ने जल्दबाजी में रावण की अस्थियों को हाथों में उठा लिया था। जिसके कारण हाथ जला बैठे। लोगों का मानना है कि रावण की अस्थियों को घर में रखना शुभ माना गया है।
ये रहे उत्सव में मौजूद
उत्सव के दौरान प्रधान अमित गुलाटी, मुख्य सलाहकार धीरज गुलाटी, वरिष्ठ उपप्रधान प्रदीप झाम्भ, विवेक मेहता, धर्मेंद्र सचदेवा, गुलशन गाबा, पंकज अरोड़ा, मुल्ख राज अनेजा, श्याम अहूजा, प्रेम मदान, प्रशांत पुरी, संजय सिडाना, विजय सोही, सतीश ललित, डॉ. राजेश वधवा, दीपक आहूजा, महेश तनेजा, दीपक कक्कड़ आदि मौजूद रहे।
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