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संगत सम्मान समागम में निशाने पर रहे दादूवाल

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गुरुद्वारा छठी पातशाही में मौजूद जगदीश सिंह झींडा व अन्य सदस्य। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) की प्रधानगी को लेकर जगदीश सिंह झींडा व बलजीत सिंह दादूवाल के बीच खाई गहराती जा रही है। गुरुद्वारा छठी पातशाही में रविवार कोआयोजित किए गए संगत सम्मान समागम में भी दादूवाल निशाने पर रहे और उन्हें नई 41 सदस्यीय कमेटी में शामिल न किए जाने व उनके कहीं पर भी समागम न कराए जाने सहित सात फैसलों पर सहमति जताई गई।
झींडा की अगुवाई में सुबह ही संगत गुरुद्वारा छठी पातशाही में पहुंचनी शुरू हो गई थी। सबसे पहले शबद कीर्तन भी किया गया। इसके बाद कार्यक्रम शुरू हुआ और संगत का सम्मान किया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किए गए कि एसजीपीसी अमृतसर सिखों की सर्वोच्च संस्था है। एसजीपीसी सुप्रीमकोर्ट के आदेश को मानते हुए हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी व हरियाणा स्टेट बॉडी को मान्यता प्रदान करें, क्योंकि सुप्रीमकोर्ट ने भी मान्यता दे दी है।
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श्री अकाल तख्त के जत्थेदार एसजीपीसी को हुक्म जारी करें कि वह हरियाणा कमेटी को मान्यता दें। इसके साथ ही यह भी प्रस्ताव पास किया गया कि हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से मार्च 2023 या अप्रैल के पहले हफ्ते में हरियाणा प्रदेश में संत समागम करवाया जाएगा। इसका स्थान बाद में निर्धारित की जाएगी।
झींडा ने कहा कि जिन लोगों को सम्मानित किया गया है, इसी संगत के बदौलत ही आंदोलन जीत तक पहुंचा है। सुप्रीमकोर्ट ने हरियाणा की कमेटी को मान्यता दी है। इसी आंदोलन के चलते हरियाणा के सिखों को हक मिला है। ऐसी संगत का सम्मान करना हम सभी का दायित्व बनता है। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश की कमेटी में न कोई प्रधान है और न ही सदस्य। आगे सरकार के आदेश स्वीकार्य होंगे।
समागम में पास किए गए प्रस्ताव में आह्वान किया गया कि नवगठित की जाने वाली 41 सदस्यीय कमेटी में बलजीत सिंह दादूवाल व स्वर्ण सिंह रतिया को न लिया जाए। अगर ऐसा प्रदेश सरकार करती है तो हरियाणा के सिखों में रोष होगा। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल को बुलाकर उनसे स्पष्टीकरण मांगें।
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जब तक श्री अकाल तख्त से बलजीत सिंह दादूवाल को क्लीन चिट न मिले तब तक उनके प्रदेश में कहीं पर भी समागम नहीं करवाए जाएं और कार्यक्रम करवाने वाले भी ऐसे ही कार्यों में भागीदार माने जाएंगे। सम्मान समागम में मुख्य तौर पर सुरेंद्र सिंह, मोहन जीत सिंह पानीपत, अपार सिंह , मंजीत सिंह, सरदार जोगा सिंह , हाकम सिंह, बलवंत सिंह, जसबीर सिंह खालसा अवतार सिंह चक्कू आदि मौजूद रहे।
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