हिंदी असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के मामले में विजिलेंस ने मंगलवार को एक बार फिर केयू में दस्तक दी।
टीम ने वर्ष 2012 में नियुक्त प्रो. वंदना शर्मा से भी बातचीत की। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में चली इस कार्रवाई से दिनभर यूनिवर्सिटी में अफवाहें चलती रहीं। टीम के सदस्य मंगलवार को सुबह 10 बजे ही कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के रेस्ट हाउस में पहुंच गए थे।
अंबाला हेडक्वार्टर से पहुंची विजिलेंस टीम ने पहले असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुई प्रो. वंदना शर्मा से पूछताछ की और बयान दर्ज किए। इसके बाद शिकायतकर्ता डॉ. अजायब सिंह के बयान दर्ज किए गए।
इसके बाद अंबाला हेडक्वार्टर से आए विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने केयू में हुई इस भर्ती के दस्तावेज अपनी अभिरक्षा में लेकर सील कर दिए। बताना जरूरी है कि अंबाला विजिलेंस मंडल टीम के आईपीएस अधिकारी हामिद अख्तर और डीएसपी शीतल सिंह के नेतृत्व में टीम के कुल आठ सदस्य कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में पहुुंचे।
डीएसपी शीतल ने बताया कि टीम ने केयू में प्रोफेसर पद से जुड़े दस्तावेज जांच के लिए सील कर दिए हैं। इसके साथ ही शिकायतकर्ता डॉ. अजायब सिंह के बयान दर्ज कर लिए हैं। इस संबंध में मंगलवार को पद के लिए दिए गए फार्मों को निरीक्षण के लिए साथ ले गए है। संबंधित अधिकारियों से बात कर उनके पक्ष को भी रिकॉर्ड कर लिया गया है।
यह है मामला
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन ने वर्ष-2012 में यूनिवर्सिटी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति की गई थी। इस प्रक्रिया में केयू प्रशासन ने विषय हिंदी के लिए वंदना शर्मा को नियुक्ति कर दी थी।
इस पूरी प्रक्रिया में शिकायतकर्ता डॉ. अजायब सिंह ने धांधली का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि भर्ती के दौरान लिए गए साक्षात्कार में जो अंक दिए गए हैं, उनमें केयू प्रशासन ने धांधली की है। उन्होंने दावा किया कि इस साक्षात्कार में 20 अंकों में से 22 अंक देकर डॉ. वंदना शर्मा की नियुक्ति की गई है।
शिकायतकर्ता ने इस मामले में हरियाणा सरकार से जांच की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अंबाला मंडल की विजिलेंस ब्यूरो को जांच सौंपी। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो के एसपी ने टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। इस संबंध में जांच में दो दिन पहले भी विजिलेंस की टीम ने केयू के कुलपति और कर्मचारियों से बातचीत भी थी।