कुरुक्षेत्र। अदालत ने फर्मों के जिम्मेवार व्यक्ति पर सल्फर के नमूने सब-स्टेंडर्ड पाए जाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में अदालत ने गेहूं बीज का नमूना फेल होने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया है और जुर्माना न चुकाने पर दो दिन की साधारण कैद की सजा सुनाई हैं।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. वजीर सिंह ने बताया कि 4 अक्तूबर 2011 को गुण नियंत्रक निरीक्षक ने मैसर्ज हरियाली किसान बाजार अंबाला रोड़ इस्माइलाबाद के प्रतिष्ठान से मैसर्ज चंबल फर्टिलाइजर एवं केमिकल लिमिटेड द्वारा उत्पादित सल्फर 90 प्रतिशत बैच नंबर बीआर 11532 का एक नमूना लिया, जो कि जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला करनाल में भेजा गया।
नमूना सब-स्टेंडर्ड पाए जाने पर गुण नियंत्रक निरीक्षक द्वारा स्थानीय सीजेएम कोर्ट कुरुक्षेत्र में एसके शर्मा टेरीटरी मैनेजर मैसर्ज हरियाली किसान बाजार इस्माईलाबाद व तथा डा. नरेश प्रसाद तकनीकी मैनेजर मैसर्ज चंबल फर्टिलाइजर के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं खाद कंट्रोल आदेश के तहत याचिका दायर की।
अदालत ने निर्माता फर्म के जिम्मेवार व्यक्ति को दोषी मानते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना भुगतने की सजा सुनाई हैं। 21 अक्तूबर 2015 को गुण नियंत्रण निरीक्षक द्वारा मैसर्ज केडी सीड मथाना के प्रतिष्ठान से गेहूं बीज किस्म एचडी 2851 का एक नमूना लिया था। जो कि जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला सिरसा में भेजा गया।
इस नमूने की सब-स्टेंडर्ड रिपोर्ट आने पर अदालत में राम प्रकाश और कमल शर्मा पार्टनर मैसर्ज केडी सीड मथाना के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की। अदालत ने इस मामले में उत्पादक फर्म के जिम्मेवार व्यक्ति को दोषी मानते हुए 500 रुपये प्रत्येक को जुर्माना और जुर्माना न चुकाने पर दो दिन की साधारण कैद की सजा सुनाई।