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केयू हॉस्टल में मां से बातचीत कर छात्रा कमरे में गई और लगा लिया फंदा

Wed, 06 Apr 2016 01:16 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
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केयू की छात्रा के आत्महत्या में लड़के से परेशान होने की बात के संकेत मिल गए हैं। शाम को हॉस्टल में उसके रूम की जांच करने पहुंची पुलिस को छात्रा का सुसाइड नोट मिला है। हालांकि इस नोट में ज्यादा कुछ नहीं लिखा लेकिन सुरेंद्र को सजा मिलनी चाहिए शब्द ने पुलिस का काम आसान कर दिया है। इधर इनसो ने छात्रा की खुदकुशी को यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही करार दिया है।
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पुलिस ने करीब सवा छह बजे होस्टल में कमरा नंबर 18 की तलाशी ली। साथ में एफएसएल टीम भी थी। पुलिस को तलाशी में एक नोट मिला है। जिसे छात्रा का सुसाइड नोट बताया जा रहा है। इस नोट में लिखा है कि रॉकी से लैपटॉप और पैसे ले लेना और दूसरी लाइन में किसी सुरेंद्र का नाम लिख कर आगे लिखा है कि उसे उसे सजा मिलनी चाहिए। थर्ड गेट चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह के मुताबिक सुसाइड नोट से लगभग सारी स्थिति साफ हो गई है। पुलिस हर पहलूं की जांच कर रही है। बताया जाता है कि जिस सुरेंद्र का नाम सुसाइट नोट में लिखा है। वह ही उसे परेशान कर रहा था। सूत्रों की माने तो यह उसका क्लासमेंट ही है, जो सिरसिला गांव का निवासी है। हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी नहीं कह रही है।
इकलौती बेटी थी दलजोत
दलजौत के भाई मनजीत ने बताया कि उसके पिता अमेरिका में हैं। वहीं काम करते हैं। दलजौत और वह दो ही संतान है। अपनी इकलौती बहन की मौत से मनजीत बदहवास सा हो गया है। इधर सूचना मिलने पर गांव से उसके अन्य रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए।
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इनसो का आरोप यूनिवर्सिटी की लापरवाही
छात्रा की आत्महत्या के बाद इनसो ने आरोप लगाया है कि छात्रा की मौत यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही से हुई है। प्रदेश उपाध्यक्ष जसविंदर खैरा का कहना था कि हम पहले से ही चेता रहे हैं कि होस्टल में सब कुछ ठीक नहीं है। यहां लापरवाही का ही आलम है कि लड़के कई बार होस्टल के अंदर तक चले गए। लेकिन उन्हें रोका नहीं गया। जसविंदर खेरा ने बताया कि इसके विरोध में बुधवार को कैंपस बंद कराया जाएगा।
यहां भी है लापरवाही
इधर छात्राओं ने बताया कि यूनिवर्सिटी के किसी होस्टल में या कैंपस में किसी भी ग्रीवेंस कमेटी या छात्राओं के लिए बनी कमेटियों का जिक्र तक नहीं है। जबकि नियमानुसार कैंपस में महिला ग्रीवेंस सेल, एंटी रैगिंग सहित महिला उत्पीडन जैसी कमेटियों के बारे में जानकारी और इन कमेटियों के प्रमुख और सदस्यों के फोन नंबर भी होने जरूरी है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि कई छात्राओं को यह तक पता नहीं है कि ऐसी कमेटी है भी या नहीं। हालांकि यूनिवर्सिटी में महिला और छात्राओं की शिकायतों का निपटारा करने के लिए कमेटी मौजूद है।
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