जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार की शाम को लाडवा-इंद्री रोड पर स्थित एक गांव में गर्भवती महिलाओं को शर्तिया दवाई देने के आरोपी को रंगे हाथों काबू कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग की सूचना पर करनाल पुलिस की टीम भी सादी वर्दी में गांव में पहुंच गई। आरोपी के कब्जे से स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा हस्ताक्षर किए हुए 5100 रुपये भी बरामद कर लिए हैं। आरोपी काफी लंबे समय से लोगों को शर्तिया बेटा होने की दवाई दे रहा था। आरोपी के खिलाफ पीसी पीएनडीटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस देर शाम तक गांव में डटी हुई थी।
सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि लाडवा-इंद्री रोड स्थित गांव कहरबा जैनपुर में मेहरबान नाम का व्यक्ति गर्भवती महिलाओं को शर्तिया बेटा पैदा होने की दवाई दे रहा है। इस सूचना पर सिविल सर्जन के निर्देशानुसार योजना बनाई गई और साथ ही टीम ने मामले पर नजर रखनी शुरू कर दी। इसी दौरान इस व्यक्ति से दवाई लेने के लिए फर्जी ग्राहक तैयार की गई। इस फर्जी ग्राहक महिला कांस्टेबल सीमा ने गांव में जाकर मेहरबान से संपर्क किया और दवाई देने के लिए तैयार किया। तय योजना के तहत सिविल सर्जन डॉ. नैन ने मंगलवार को टीम का गठन किया, जिसमें जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. सुनिता शर्मा, पीसी पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. सतविंदर सिंह और महिला कांस्टेबल सीमा को शामिल किया। महिला कांस्टेबल ने गांव में स्थित एक धार्मिक स्थल पर बैठे मेहरबान को रुपये दिए तो उसने झाड़-फूंक के नाम पर 100 रुपये और 5 हजार रुपये पकड़ा दिए। जैसे ही मेहरबान ने रुपये लेकर दवाई पकड़ाई तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी मेहरबान को काबू कर लिया। एकाएक हुई इस कार्रवाई को देखकर वहां हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने बाहर सादी वर्दी में तैनात पुलिस कर्मियों को भी इशारा कर दिया। देखते ही देखते पुलिस कर्मचारी वहां पहुंच गए और उन्होंने उसे काबू कर लिया। इस दौरान करनाल स्वास्थ्य विभाग की टीम में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार और जिला ड्रग अधिकारी डॉ. गुरचरण सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। डॉ.नैन ने बताया कि आरोपी मेहरबान के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के साथ साथ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी मेहरबान को करनाल पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी द्वारा दी गई दवाइयां और हस्ताक्षरयुक्त 5100 रुपये भी बरामद कर लिए हैं। आरोपी काफी लंबे समय से इस कार्य में संलिप्त था। डॉ. नैन ने बताया कि सभी नोटों पर जांच टीम के अधिकारियों के हस्ताक्षर थे।
गाड़ी जानी थी सरकारी, भेज दी प्राइवेट
बताया जा रहा है कि जैनपुर में आरोपी मेहरबान को काबू करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. नैन ने टीम के सदस्यों को तो तैयार कर लिया और साथ ही सरकारी गाड़ी जाने के भी आदेश कर दिए थे। लेकिन, आरोपी को भनक न लगे इसलिए टीम के सदस्यों को दोपहर में ही प्राइवेट गाड़ियों में भेज दिया गया। इसके साथ ही वहां किसी तरह का बवाल न हो इसलिए करनाल एसपी पंकज नैन से बातचीत कर वहां सादी वर्दी में पुलिस कर्मियों को भी तैनात कर दिया गया था।