एलएनजेपी अस्पताल में बतौर ट्रेनी जीएनएम काम कर रही निजी नर्सिंग कालेज की छात्रा ने अस्पताल में नशीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर तुरंत उसे इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके शरीर से जहर निकाला। प्राथमिक इलाज के बाद उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। लेकिन छात्रा के परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां उसका इलाज चल रहा है।
छात्रा की दो ही दिन पहले ब्लड बैंक से ड्यूटी बदली गई थी। हालांकि उसने किन कारणों के चलते नशीले पदार्थ का सेवन किया इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। छात्रा की इस हरकत के बाद एलएनजेपी में भी दो घंटे तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।
जानकारी के अनुसार बाबैन के भारत कालेज ऑफ नर्सिंग से किरमच निवासी पूनम जीएनएम का कोर्स कर रही है। पिछले कुछ दिनों से वह बतौर ट्रेनी एलएनजेपी अस्पताल में काम कर रही थी। यहां आते ही उसे ब्लड बैंक में लगाया गया था। बताया जाता है कि दो दिन पहले ही उसकी ड्यूटी ब्लड बैंक से डिस्पेंसरी में कर दी गई थी। बुधवार को ट्रेनिंग के लिए उसे लैब में भेजा गया था।
बुधवार को सुबह करीब दस बजे पूनम लैब में गई और वहां लैब इंचार्ज डॉ. मंजीत से कहा कि उसकी तबीयत खराब है। इस पर डॉ. मंजीत से उसे आराम करने के लिए कहा। इसके बाद छात्रा ब्लड बैंक में बने रेस्ट रूम में आराम करने के लिए गई। बताया जाता है कि इसी दौरान उसने गोलियां खा ली। रेस्ट में कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। जब उसे उल्टियां होने लगी तब ब्लड बैंक में तैनात स्टाफ को पता चला। उसकी हालत देखकर एक बारगी सभी लोग घबरा गए। उसे तुरंत इमरजेंसी में ले जाया गया। तब तक यह बात सामने आ चुकी थी कि पूनम ने कई गोलियां एक साथ खाई हैं। डॉक्टरों ने उसके शरीर से जहर निकाल दिया। इसी दौरान छात्रा के परिजन भी एलएनजेपी अस्पताल पहुंच गए थे। डॉक्टरों ने पूनम को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन परिजनों ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां उसकी हालत में सुधार बताया जाता है।
कारणों का नहीं हुआ खुलासा
खास बात यह है कि छात्रा ने गोलियां क्यों खाई? इसका कोई कारण अब तक सामने नहीं आया है। परिजनों ने भी किसी तरह का कोई संदेह जाहिर नहीं किया। हालांकि चर्चा यह थी कि ब्लड बैंक से डिस्पेंसरी में भेजे जाने के कारण भी यह कदम उठाया हो। लेकिन अधिकृत तौर पर इस बारे में कोई कुछ भी नहीं कह रहा है। छात्रा के पिता रोशन लाल भी इस बारे में कुछ नहीं बोले। नर्सिंग कालेज के चेयरमैन भी शहर से बाहर होने बाद में बात करने का कह कर टाल गए। इधर एनएनजेपी में ट्रेनिंग विभाग की इंचार्ज डॉ. रजनी बत्रा भी अवकाश पर हैं। उनका कहना है कि इस मामले की जानकारी मीडिया से ही मिली है, लेकिन अवकाश पर होने के कारण उन्हें इसकी पूरी जानकारी नहीं है। अगर नर्सिंग की ट्रेनिंग छात्रा है तो कालेज स्टाफ ही ट्रेनिंग के लिए ड्यूटी पर भेजता है।
मचा हड़कंप
छात्रा के नशीला पदार्थ खाने की सूचना पर अस्पताल में एकबारगी हड़कंप मच गया। नर्सिंग स्टाफ, ट्रेनी सहित सभी लोग छात्रा को देखने इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। साथ में ट्रेनिंग करने वालों ने छात्रा को मिलनसार और हसमुख बताया है। ऐसे में किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि उसने यह कदम उठाया है।
छात्रा की हालत में सुधार
सूचना मिली थी कि एक छात्रा बीमार है। उसे तुरंत प्रभाव से मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया। इसके बाद छात्रा की हालात में सुधार आया है।
डॉ. मनजीत, एमएस, सिविल अस्पताल कुरुक्षेत्र