हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव और खाद्य आपूर्ति विभाग के आयुक्त
रामनिवास को पिहावा में भी इस्माईलाबाद की तरह गेहूं के हजारों कट्टे
गोदामों से गायब मिले हैं।
यह खुलासा तीन दिन पहले की गई गोदामों की जांच
के बाद सामने आया है। जांच टीम को पिहोवा के खाद्य आपूर्ति के गोदामों से
17 हजार कट्टे गायब मिले हैं। इसके बाद उन्होंने कुुरक्षेत्र के डीसी को
दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा
सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव और खाद्य आपूर्ति विभाग के आयुक्त रामनिवास
ने पिहोवा में करोड़ों रुपये का घोटाला उजागर होने के बाद गोदाम का दौरा
किया और इस मामले में 2014 से तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों को जांच के
साथ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।
पिहोवा में संयुक्त टीम ने तीन दिन पहले
कैथल रोड स्थित डीएफएससी के गोदामों में लोक निर्माण विभाग के अभियंता
एसपी सिरोही के नेतृत्व में चेकिंग की थी। टीम में गैर सरकारी सदस्य के
रूप में हलका निगरानी कमेटी के संयोजक युधिष्ठर बहल भी शामिल थे।
युधिष्ठर
बहल ने बताया कि गेहूं के स्टॉक की जांच में गेहूं के 17 हजार से अधिक
कट्टे कम पाए गए हैं। इस बारे में रिपोर्ट डीसी कुरुक्षेत्र को भेज दी गई
थी। बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास, डीसी रजनीकांतन और स्थानीय
प्रशासन के अधिकारियों ने गोदामों का दौरा किया।
इस दौरान अतिरिक्त मुख्य
सचिव ने रिपोर्ट तैयार करके मामले में संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी
कार्रवाई के आदेश डीसी कुरुक्षेत्र और खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों
को आदेश दिए। कहा कि घपले में जितने भी सरकारी और गैरसरकारी लोग शामिल हैं।
उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इसके अलावा गेहूं स्टॉक के लिए इस्तेमाल
किए गए कट्टे, बारदाने, तिरपाल का भी आकलन किया जाए।
इस दौरान डीसी सीजी
रजीनिकांतन, एसडीएम पिहोवा डॉ. किरण सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी डॉ.
घनश्याम, एक्सईएन सिंचाई विभाग जितेंद्र गोस्वामी, डीएसपी कृष्ण, थाना
प्रभारी संदीप कुमार, मार्केट कमेटी सचिव दलेल सिंह मौजूद रहे।
फंस सकते हैं ये अधिकारी
बताया
जा रहा है कि खाद्य आपूर्ति विभाग के दो निरीक्षकों नरेश कुमार और राहुल
की देखरेख में गेहूं के इस स्टॉक को रखा गया था। यदि अनियमितताएं पाई जाती
हैं तो सीधे तौर पर इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। इस
मामले में विभाग में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है।
‘बाजार से तो नहीं खरीदा सड़ा गेहूं’
इस्माईलाबाद
में गेहूं के स्टॉक का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने कहा कि यहां
गेहूं का स्टॉक देखकर उन्हें शक है कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों ने
मिलीभगत से नया गेहूं बेचकर बाजार से सस्ते दाम पर गला-सड़ा गेहूं खरीद कर
स्टॉक को पूरा करने की कोशिश की है। अचानक जांच शुरू होने के कारण वे अपने
इरादों में कामयाब नहीं हो सके।
ये है मामला
बता दें कि
इस्माईलाबाद में लगे गेहूं स्टॉक में गड़बड़ी की आशंका हुई तो जिला खाद्य
आपूर्ति नियंत्रक डॉ.घनश्याम ने विभाग की एक टीम से स्टॉक की फिजिकल
वेरिफिकेशन कराई थी। जिसमें गेहूं घपला होने की बात सामने आई। इसके बाद
विभाग एसीएफए देवेंद्र कौशिक के नेतृत्व में एक चार सदस्यों की एक टीम मौके
पर पहुंची।
उसने स्टाक की स्पेशल पीवी की और आकलन किया। इसके तहत कुल
स्टॉक से एक लाख 77 हजार 734 बैग कम पाए गए। इस मामले में खाद्य आपूर्ति
विभाग के सात अधिकारियों एफएसओ हरजीत सिंह, इंस्पेक्टर रामनिवास, सब
इंस्पेक्टर कुमार गौरव, एफएसओ सतीश सेतिया, इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह करनाल,
सब इंस्पेक्टर धर्मपाल कैथल, विनोद सैनी एचए अंबाला के खिलाफ केस दर्ज
कराया गया था। बता दें कि आरोपी इंस्पेक्टर रामनिवास नरवाना से भाजपा की
टिकट पर चुनाव लड़ चुकी भाजपा नेत्री के पति हैं।
‘ओह माई गॉड, इसे तो जानवर भी नहीं खाएंगे’
गेहूं
के स्टॉक में इस्माईलाबाद में करोड़ों रुपये के घपले की जांच तेज हो गई
है। बुधवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के आयुक्त रामनिवास ने कस्बे में लगे
गेहूं स्टॉक की स्थिति का जायजा लिया। गेहूं स्टॉक जांच करने के बाद वे
हैरान रह गए।
सड़े गेहूं को देखकर उनके मुंह से अनायास ही निकल पड़ा कि ओह
माई गॉड, यह गेहूं इंसान तो क्या जानवरों के भी खाने के लायक नहीं है। रख
रखाव पर इतना खर्च करने के बाद भी गेहूं का इस तरह से सड़ना सीधे-सीधे बड़ी
लापरवाही को दर्शाता है।