झांसा कस्बे के गांव झींवरहेड़ी स्थित एक आश्रम पर सोमवार को देर रात बदमाशों ने हमला कर आश्रम संचालक संत आचार्य सच्चिदानंद को गोली मारने की कोशिश की।
कामयाब न होने पर बदमाशों ने आश्रम के जेनरेटर से डीजल निकाला और कुटिया पर छिड़क कर आग लगा दी। कुटिया में बंद आचार्य ने ग्रामीणों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने संत को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना पर डीएसपी पिहोवा गुरमेल सिंह और एसएचओ झांसा पहुंच गए।
गांव झिंवरहेड़ी स्थित आधी रोटी आश्रम के संचालक आचार्य सच्चिदानंद ने बताया कि वह सोमवार रात अपने आश्रम में सो रहे थे। रात को तेज आवाजें हुई तो वे बाहर आकर देखने लगे। इस पर चार लोगों ने उन्हें दबोच लिया।
हमलावरों ने उन पर तेजधार हथियार से हमला करने की कोशिश की, लेकिन उनके विरोध के कारण हथियार दूर गिर गया। इसी दौरान आश्रम में रह रहे संत शातानंद भी बाहर आ गए और शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर हमलावरों ने उनसे हट गया।
इस दौरान वे कुटिया में घुस गए। उन्होंने दरवाजा बंद करने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने दरवाजे के बीच में हाथ अड़ा दिया। एक हमलावर ने उन फायरिंग की कोशिश की, लेकिन असफल रहा। उन्होंने किसी तरह कुटिया का दरवाजा बंद कर लिया।
आचार्य सच्चिदानंद ने बताया कि इसके बाद हमलावरों ने आश्रम के जेनरेटर से डीजल निकाला और कुटिया पर छिड़क कर आग लगा दी। यह देख उन्होंने मोबाइल से गांव उदारसी निवासी धर्मपाल को हमले की जानकारी दी। इस पर ग्रामीण आश्रम में आ गए। उन्हें देख हमलावर भाग निकले।
आश्रम पर कब्जे का है प्रयास
आचार्य ने आरोप लगाया कि हमलावरों में से तीन को वह पहचान गए हैं। वे तीनों इसी गांव के निवासी हैं और उन्होंने पुलिस को भी सारी जानकारी दे दी है। बताया कि गांव के ही कुछ शरारती लोग इस आश्रम की व्यवस्था पर कब्जा जमाना चाहते हैं। उन्होंने ही यह साजिश रची है।
लगे हैं कैमरे
बताया जा रहा है कि आश्रम में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इनमें देर रात हुई वारदात कैद हो गई है। ग्रामीणों की सूचना पर डीएसपी गुरमेल सिंह और एसएचओ झांसा निर्मल सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी हासिल की है। पुलिस की सूचना पर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट अशोक वर्मा भी टीम सहित मौके पर पहुंचे।