अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमनदीप दिवान ने युवक को प्रताड़ित करके आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी पिता-पुत्र को 5-5 वर्ष की कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जीआरपी को गांव कल्याणा में रेलवे लाइन के पास पुल के नीचे 28 जुलाई 2014 को जीतराम निवासी नई बस्ती, गांव नलवी की लाश मिली थी। थाना जीआरपी को सुदर्शन सैनी निवासी नई बस्ती, नलवी ने शिकायत दी कि उसके पिता जीतराम को गरजाराम व उसके बेटे हरकेश उर्फ संजू ने 14 जुलाई 2014 को खेत में पानी न लगाने दिया। उसके पिता को नंगा करके पिटाई की थी। इससे उसके पिता ने काफी बेइज्जती महसूस की। बाद में गांव की पंचायत में सरंपच व अन्य ने समझौता करा दिया था। 15 जुलाई को फिर गरजाराम व हरकेश उर्फ संजू ने उसके पिता की बेइज्जती की तथा पंचायत में फिर समझौता हो गया था। इसके बाद भी आरोपियों ने दिनांक 27 जुलाई को उसके पिता को नंगा करके मारपीट की। लगातार हो रही बेइज्जती से तंग आकर उसके पिता ने जान दे दी। 28 जुलाई को उसके पिता का शव रेलवे लाइन के पास कल्याणा पुल के पास मिला था। कुरुक्षेत्र थाना जीआरपी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 31 जुलाई को आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। हरकेश उर्फ संजू व उसके पिता गरजा राम निवासी नई बस्ती, नलवी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जिला न्यायवादी राम कुमार ने बताया कि मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमनदीप दीवान की अदालत में चल रहा था। एडीएसजे अमनदीप दीवान ने दोनों पक्षों की जिरह सुनने, गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए साक्ष्यों के आधार पर हरकेश उर्फ संजू व गरजाराम दोषी करार दिया। दोनों को 5-5 वर्ष कैद की सजा व 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को 6-6 माह अतिरिक्त कैद काटनी होगी।