गांव रावा में 12 वर्षीय बच्चे का बोरी में बंद शव दादूपुर नहर से मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल के आसपास का जायजा लिया। हालांकि पुलिस के काफी प्रयासों के बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र में भेज दिया है। मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने चार टीमों का गठन किया है, जो अपने तरीके से कार्रवाई पर जुटी हैं।
वहीं पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने घटना स्थल का दौरा करके मामले को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए हैं। डीएसपी जगदीश राय ने बताया कि गुरुवार प्रात: शाहाबाद-बराड़ा रोड पर गांव रावा के नजदीक एसवाईएल नहर में पड़े शव को खेतों में काम कर रहे एक व्यक्ति ने देखा तो उसकी सूचना शाहाबाद थाना में दी। सूचना मिलते ही एसआई प्रवीण गुप्ता पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। अपराध शाखा एक के प्रभारी अमन कुमार एवं सीन ऑफ क्राइम की टीम भी मौके पर पहुंची और इस घटना से जुड़े तथ्य एकत्रित किए। नहर से मिले शव की शिनाख्त के लिए पुलिस ने खेतों में काम कर रहे मजदूरों एवं आसपास के कई गांवों के लोगों को वहां बुलाया, लेकिन शव की पहचान नहीं हो सकी।
नग्न अवस्था में मिली लाश
नहर से मिले बच्चे का शव पूरी तरह से नग्न अवस्था में है। मृतक की एक बाजू गायब है और छाती की तेजधार हथियार से चीरा हुआ है। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि किसी ने तांत्रिक विद्या के चलते इस बच्चे की हत्या की हो और बाद में शव को इस नहर में फेंक दिया। जानकारों की मानें तो शव को देखकर ऐसा लग रहा था कि इस घटना को कुछ घंटों पहले ही अंजाम दिया गया है और मामला भी शाहाबाद के किसी गांव से ही संबंधित लग रहा है।
श्मशान घाटों पर पुलिस की नजर
एसएचओ दलीप कुमार ने बताया कि मामले से पटाक्षेप करने के लिए पुलिस आसपास के गांवों के श्मशान घाटों पर विशेष नजर रखे हुए है, क्योंकि तांत्रिक विद्या का यह खेल वहीं से शुरू हुआ हो सकता है। उन्होंने जनता से अपील की है कि यदि इस मामले में कोई जानकारी मिले तो पुलिस को अवश्य सूचित करें।