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बंधन पवित्र दोस्ती का, मकसद उतना ही बुरा

Mon, 15 Jun 2015 12:31 AM IST
कुरुक्ष्ाेत्र/अमर उजाला ब्यूूरो
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पैसे वालों से दोस्ती कर अपने ही कुछ दोस्तों के साथ मिलकर ब्लैकमेल करने वाले एक अंतर जिला गिरोह का पर्दाफाश सीआईए-2 की टीम ने किया है।
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इस गिरोह में शामिल युवती समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह कुरुक्षेत्र, कैथल समेत आसपास के जिलों में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। पुलिस ने इनके कब्जे से पुलिस का एक फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किया है। महिला को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

एसपी सिमरदीप सिंह ने रविवार को देर सायं पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सीआईए टू टीम इंचार्ज केवल सिंह व उनके साथियों ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अमीर लोगों से दोस्ती गांठते और फिर ब्लैक मेल करके मोटी रकम वसूलते थे।
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उन्होंने बताया कि कैथल के एक व्यक्ति ने 13 जून को सदर पुलिस थाना में एक केस दर्ज कराया कि कुरुक्षेत्र की एक युवती अपने दोस्तों के माध्यम से ब्लैकमेलिंग करने का धंधा कर रही है। इस गिरोह ने अब तक 25 लाख 50 हजार रुपये ऐंठ लिए और 35 लाख रुपये राशि की ओर डिमांड कर रहे हैं।

सीआईए-2 के इंचार्ज केवल सिंह व उसकी टीम के सदस्यों ने कुरुक्षेत्र की रहने वाले गिरोह की प्रमुख सदस्या जुलिया (काल्पनिक नाम) को शुक्रवार को देर शाम कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

उसने प्रारंभिक पूछताछ के दौरान कई ओर नामों का खुलासा किया। पुलिस ने युवती द्वारा बताए गए नामों के आधार पर गिरोह के सरगना वीरेंद्र कुमार निवासी डिफेंस कालोनी कैथल, सतीश कुमार निवासी गांव जडौला जिला कैथल व दो अन्य सदस्यों जसविंद्र सिंह उर्फ बिंद्र निवासी गांव बारना व जगदीप सिंह उर्फ पप्पू निवासी ढांड कैथल को जीटी रोड स्थित सेक्टर-2-3 के कट से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे सबसे पहले वे उन लोगों के संपर्क बनाते थे, जो अमीर है। इसके बाद वे महिला सदस्य को उस व्यक्ति का फोन नंबर देते। यह महिला फोन कर संबंधित व्यक्ति से दोस्ती का जाल बुनती थी।

दोस्ती के नाम पर यह युवती उसे शारीरिक संबंधों तक मजबूर कर देती। इसके बाद जब मुलाकात होती तो गिरोह के सदस्य धावा बोल देते। महिला सदस्य बलात्कार का झूठा केस दर्ज करवाने और ब्लैक मेल करने की धमकी देती थी। अभी तक छानबीन के दौरान इस गिरोह ने 25 लाख 70 हजार रुपये से भी ज्यादा रकम ब्लैक मेल करके वसूल कर ली है।

ये मिला आरोपियों के कब्जे से
एसपी ने बताया कि पुलिस ने जुलिया के कब्जे से 1.30 लाख रुपये, वीरेंद्र से 3 लाख 10 हजार नकदी, वारदात में प्रयोग की सेंट्रो कार, सतीश के कब्जे से एक रिवाल्वर, दो कारतूस, 40 हजार रुपये की नकदी व हरियाणा पुलिस का एक जाली पहचान पत्र तथा जसविंद्र के कब्जे से 90 हजार रुपये की नकद राशि बरामद की है।

गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि इससे पहले ज्योतिसर और कैथल में इस तरह की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं और उनमें मोटी रकम वसूल चुके हैं।

पुलिस पहचान पत्र की तह तक जाएगी पुलिस
एसपी ने कहा कि गिरोह के सदस्य सतीश से हरियाणा पुलिस का एक जाली पहचान पत्र बरामद हुआ है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है कि यह पहचान कहां, किसने और कैसे बनाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
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महिला सदस्य को भेजा न्यायिक हिरासत में
एसपी ने कहा कि गिरोह की सदस्य को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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