थाना केयूके अंतर्गत गांव किरमच के पास भाखड़ा नहर के किरमच हेड पर शुक्रवार को देर शाम कौल से अपने साथी के साथ आ रहे कृषि विभाग के एसडीओ की कार नहर में जा गिरी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे ग्रामीण ने एक को बचा लिया, लेकिन एसडीओ कार में ही फंसे रह गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों को भी बुला लिया। गोताखोरों ने नहर में गिरी कार में फंसे एसडीओ को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वे दम तोड़ चुके थे। देर शाम एसडीओ का शव पोस्टमार्टम के लिए एलएनजेपी सिविल अस्पताल भेज दिया था। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। पुलिस के अनुसार कैथल के कौल में कृषि विभाग में एसडीओ के पद पर तैनात सुरेंद्र अपने ही विभाग के इलेक्ट्रीशियन रामपाल के साथ अपनी मारुति कार में कौल से कुरुक्षेत्र के सेक्टर-5 स्थित अपने घर वापस आ रहे थे। कार को एसडीओ सुरेंद्र स्वयं ड्राइव कर रहे थे। वहां से वे ड्यूटी समाप्त करने के बाद पांच बजे चले थे और करीब 5.20 मिनट पर गांव किरमच के पास से बह रही भाखड़ा नहर के पास पहुंचे तो एकाएक कार अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए नहर में जा गिरी। इस हादसे को वहां से गुजर रहे किसी ग्रामीण ने देख लिया। उसने तुरंत अपना पल्लड़ नहर में फेंक दिया। इसे पकड़कर रामपाल तो नहर से किसी तरह बाहर आ गया, लेकिन एसडीओ कार में ही फंस गए। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही थाना केयूके प्रभारी ओम प्रकाश, एएसआई राजेश कुमार समेत अन्य पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों को भी सूचना दे दी और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी घटनास्थल पर पहुंच गई। इस दौरान फायरमैन सहदेव, पंकज, हरप्रीत सिंह और हाकम सिंह किरमच उनकी तलाश में जुट गए।
ओवर स्पीड के कारण हुआ हादसा थाना प्रभारी ओम प्रकाश का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हादसे के समय गाड़ी काफी तेज गति में थी। हालांकि, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि कुछ देर पहले ही गाड़ी सामान्य गति से चल रही थी, लेकिन नहर के पास एकाएक गाड़ी बहुत तेज हो गई। थाना प्रभारी ने बताया कि नहर में से सुरक्षित निकले रामपाल ने बताया है कि गाड़ी ठीक चल रही थी, लेकिन एकाएक मोड़ पर गाड़ी के ब्रेक लगाने की बजाय रेस बढ़ गई और गाड़ी नहर में जा गिरी।
पहली ही डूबकी में निकाल लाया शव गोताखोर परगट सिंह दबखेड़ी ने बताया कि उसके पास चौकी इंचार्ज का फोन आया था। वह अपने दो साथियों सुखमन और विक्की के साथ नहर पर पहुंच गए। उन्होंने नहर में डूबकी लगाई तो पहली ही डूबकी में वह सीधे मारुति कार के पास पहुंचे। उसने एसडीओ बाजू पकड़ी और ऊपर आ गए।
एसडीओ सुरेंद्र ने किए प्रयास, लेकिन नहीं हुए सफल परगट सिंह का कहना है कि गाड़ी के हालत और घटना को देखकर लग रहा है कि एसडीओ ने गाड़ी से निकलने का प्रयास किया था, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए। गाड़ी उलटी पड़ी थी और उसमें से एसडीओ आधे बाहर निकले हुए थे।
एक साल बचा था रिटायरमेंट का जांच अधिकारी एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि एसडीओ का जन्म 1961 में हुआ था और उनकी आयु करीब 57 वर्ष थी। उनके रिटायरमेंट को करीब एक वर्ष बचा था। सूचना मिलने पर उनके दो बेेटे आए थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए एलएनजेपी सिविल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है। उनकी पानी में डूबी कार को रविवार को क्रेन की मदद से बाहर निकलवाया जाएगा।
नहर में कार के गिरने की सूचना मिली थी। कार नहर में गिरने से कृषि विभाग के एसडीओ सुरेंद्र की मौत हो गई है। वह कौल से सेक्टर-5 स्थित अपने घर आ रहे थे। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की वजह कार की ओवर स्पीड हो सकती है। ओम प्रकाश, एसएचओ, थाना केयूके।