ठेकेदार ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
पुलिस को मौके से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
धर्मशाला के एक कमरे में फंदे से लटकता मिला शव
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। ग्रेटर नोएडा निवासी एक ठेकेदार ने जाट धर्मशाला में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। जबकि परिजनों के अनुसार उधारी के रुपये वापसी को लेकर दबाव में आकर ठेकेदार के आत्महत्या करने की आशंका भी जताई जा रही है।
ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-2 स्थित गौतम बुद्ध नगर के रहने वाले ठेकेदार उदयवीर सिंह (45) रविवार शाम कुरुक्षेत्र आया था। सोमवार को उन्होंने जाट धर्मशाला के ब्लॉक नंबर डी में कमरा लिया। अगले ही दिन उन्होंने ब्लॉक नंबर ए के कमरा संख्या 29 में शिफ्ट कर दिया गया। धर्मशाला के एक सेवादार ने बताया कि उदयवीर सिंह बुधवार शाम को सिर्फ एक बार धर्मशाला परिसर में दिखाई दिया। इसके बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकला। वीरवार दोपहर धर्मशाला के सेवादार ने दोपहर दो बजे के करीब उनके कमरे का दरवाज खटखटाया। दरवाजा न खुलने पर सेवादार लौट गया। शाम सात बजे सेवादार ने एक बार फिर शाम सात बजे उनके कमरे में आवाज लगाई। इस पर भी उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला। अनहोनी की आशंका पर धर्मशाला में कार्यरत एक सेवादार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में जब कमरा का दरवाजा तोड़ा गया तो उदयवीर सिंह का शव पंखे पर रस्सी से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और मौके से फोन नंबर की एक डायरी बरामद की, जिसके आधार पर परिजनों से संपर्क साध इसकी सूचना दी गई। जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि जाट धर्मशाला में एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मौके पर पहुंच घटनास्थल का साक्ष्य जुटाए। हालांकि घटनास्थल से कोई सुराइड नोट नहीं मिला। वहां से सिर्फ फोन नंबर की एक डायरी मिली थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मृतक के परिजनों से संपर्क साधा। फिलहाल परिजनों ने लेनदेन की बात पुलिस के सामने नहीं बताई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। ओमवीर के रिश्तेदार परमजीत ने बताया कि उदयवीर सिंह सोमवार को घर में कह कर गया था कि वह गुरुजी के पास जा रहा है।
उधारी की रकम चुकाने का था दबाव
उदयवीर काफी लंबे समय से नोएडा के गांव दादरी में ही पीजी चला रहा था। इसके साथ ही उन्होंने ग्रीन बेल्ट के साथ लगते पार्कों की देखरेख का ठेका भी उसके पास था। पिछले कई दिनों से वहां के कुछ लोग उसपर रकम वापसी का दबाव बना रहे थे। इसके अलावा उन लोगों ने कई बार धमकी भी दी थी, जिसकी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान था।