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भाजपा के प्रदेश स्तरीय नेता की राइस मिल में चल रही थी अवैध शराब की फैक्टरी

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वरिष्ठ भाजपा नेता की राइस मिल में चल रही थी नकली शराब की फैक्टरी
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- जगह किराये पर देकर यूरोप चला गया, कुछ दिन पहले ही लौटा हूं : जैलदार
- न लोकल पुलिस को भनक लगी न नेताजी को, भंडाफोड़ कर गई सोनीपत एसटीएफ
- शराब माफिया को कहां से मिली परमिट पर उपलब्ध होने वाली हजारों लीटर स्पिरिट
राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। सोनीपत एसटीएफ ने जिस राइस मिल में नकली शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी, वह प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता की निकली। राइस मिल में कई महीनों से नकली शराब बनाने की फैक्टरी चल रही थी और जिला पुलिस छुटपुट शराब तस्कर दबोच कर पीठ थपथपाती रही।
भाजपा के प्रदेश स्तरीय नेता के राइस मिल को किराये पर लेकर उसमें नकली शराब फैक्टरी चला रहे लोग कितने प्रभावशाली होंगे, इसका अंदाजा इससे भी होता है कि परमिट पर मिलने वाली हजारों लीटर स्पिरिट इन्हें कैसे और कहां से उपलब्ध हो रही थी। हैरानी की बात यह भी है कि भाजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं अन्य कई पदों पर रह चुके नरेश टीटू जैलदार और पुलिस को यह पता ही नहीं लगा कि उनकी नाक के नीचे इतने बड़े पैमाने पर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाला काला कारोबार धड़ल्ले से और बेखौफ चल रहा है। सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि इस्माईलाबाद पुलिस कहां सो रही थी, जो सोनीपत की पुलिस टीम को कुरुक्षेत्र जिला में आकर इसका भंडाफोड़ करना पड़ा।
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नरेश टीटू जैलदार की मानें तो उन्होंने चार माह पहले उक्त जगह अपने एक परिचित के कहने पर गोहाना वासी किसी उमेश नाम के व्यक्ति को 11 महीने के लिये महज 20 हजार रुपये मासिक किराये पर दी थी। उनके मुताबिक एग्रीमेंट में उमेश ने साफ लिखा है कि वह राइस मिल को पेंट की सामग्री बनाने के लिए किराये पर ले रहा है। भाजपा नेता ने अमर उजाला को बताया कि वह जगह किराये पर देने के बाद यूरोप चले गए थे। कुछ ही दिन पहले भारत लौटे हैं। शनिवार को उन्हें छापेमारी के बाद पता चला कि उनके राइस मिल में अवैध शराब की फैक्टरी चल रही थी। यहां रोचक पहलू यह है कि किराये पर जगह देने के बाद किसी ने यह भी देखने की जहमत नहीं उठाई कि फैक्टरी में क्या गोरखधंधा चल रहा है। बहरहाल सोनीपत एसटीएफ और स्थानीय पुलिस मौके से गिरफ्तार किए 16 लोगों से पूछताछ में जुटी है। वहीं पुलिस को फरार हुए उन दो मुख्य आरोपियों की तलाश है, जो इस अवैध कारोबार को बेखौफ होकर सत्तासीन पार्टी के नेता के राइस मिल में धड़ल्ले चला रहे थे। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। नकली शराब फैक्टरी का भंडाफोड़ होने के बाद जांच का विषय यह है कि इस नकली शराब की खपत किन जगहों पर और किसे की जा रही थी।

बाहर से ताला लगा कर अंदर बनाते थे नकली शराब
सोनीपत एसटीएफ टीम की अगुवाई कर रहे डीएसपी राहुल देव ने कहा कि नकली शराब तैयार करने की फैक्टरी का संचालन करने वाले आरोपी मिल को बाहर से ताला लगाकर रखते थे, ताकि किसी को भी शक न हो। आरोपी यहां पर नकली शराब तैयार कर अलग-अलग कंपनियों के लेबल लगा कर क्षेत्र व आसपास शहरों में सप्लाई करते थे।

मशीनों सहित ये जखीरा हुआ बरामद
छापेमारी में फैक्टरी से 449 पेटी माल्टा बोतल, 165 पेटी रसीला संतरा बोतल, 195 पेटी मार्का माल्टा पव्वा, 343 पेटी मार्का रसीला संतरा पव्वा, खाली पव्वा करीब 13 हजार, खाली बोतल करीब 14 हजार, गत्ता पेटी खाली करीब 15 हजार, 6 बड़ी टंकी सफेद रंग 5000 लीटर पानी वाली, 1 टंकी में करीब 1500 लीटर स्पिरिट जिससे करीब 5000 बोतल शराब तैयार की जा सकती है, 1 टंकी 400 लीटर सफेद रंग, 1 आरओ बड़ा, 8 मोटर बिजली, 1 सीलिंग पैकिंग मशीन जिसमे 3 मोटर लगी हुईं व स्टील का पट्टा, ढाई इंची सुंडवे कुल तीन, 17 ड्रम नीले 200 लीटर, जिनमें 1 ड्रम में शराब भरी हुई है, 10 छोटी सफेद केन खाली, वजन करने वाले दो इलेक्ट्रॉनिक कांटे, लेबल माल्टा पव्वा 2 पेटी जो कि 6000 बोतलों पर लगाया जा सकता है, लेबल माल्टा बोतल 3 व आधा पेटी 11000 बोतलों पर लगाया जा सकता है, लेबल संतरा 1 पेटी 3000 बोतल पर लगाया जा सकता है, लेबल संतरा 1 पेटी 3000 पव्वा पर लगाया जा सकता है, होल मार्क माल्टा पव्वा 12000 पव्वा पर लगाया जा सकता है, होल मार्क माल्टा बोतल 1800 बोतल पर लगाया जा सकता है, माल्टा होलोग्राम पन्नी जो करीब 8000 बोतलों पर लगाई जा सकती है, डाट बोतल व पव्वा 12 बड़ी पेटी जो करीब 2 लाख पव्वा व बोतलों पर लगाया जा सकता है, 3 केन प्लास्टिक, जिनमें 35 लीटर के करीब सेंट फ्लेवर जो करीब 5000 बोतल में मिलाया जा सकता है, 3 केन प्लास्टिक माल्टा कलर जो करीब 1 लाख बोतलों में मिलाया जा सकता है, 12 केन नीले खाली, टेप नीली सफेद व खाकी 90 तथा 2 कैंटर शराब बरामद हुई है।

इस तरह तैयार करते थे नकली शराब
इस फैक्टरी में आरओ वाटर, स्पिरिट, कलर और कैमिकल के मिक्चर से नकली शराब तैयार की जा रही थी। इस विधि से तैयार कर नकली शराब को मशीन के जरिए बोतलों, अद्धों और पव्वों में भरा जाता था। शराब की बोटलिंग के बाद इन पर विभिन्न कंपनियों के मार्का लगाए जाते थे और जिस क्षेत्र से जितने माल की डिमांड होती थी उसे अलग-अलग वाहनों में लोड कर सप्लाई किया जाता था।
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हरियाणा और यूपी के गिरफ्तार 16 लोग और फरार दो मुख्य आरोपी
गिरफ्तार किए आरोपी महेंद्रगढ़ वासी कृष्ण, सोनीपत के गांव शामड़ी वासी उमेद सिंह, फतेहाबाद के गांव इनून वासी पवन, यूपी के आगरा वासी बबलू, सिरसा का देवेंद्र, आगरा का प्रेम पाल, फिरोजाबाद का शिवशंकर, बंटी पुत्र, रामनिवास, भुवनेश कुमार, सुनील कुमार, गौरव, बिजेन्द्र, आगरा का बंटी, आगरा का मुलायम सिंह और महेश हैं। फरार मुख्य आरोपी इसराना वासी सुरेंद्र और पावहटी वासी कृष्ण हैं।
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