अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। पंजाब में धार्मिक स्थल पर हुए धमाके के बाद बेशक देश में हाईअलर्ट हो। इसके बावजूद धर्मस्थलों के ऊपर से आकाश में कौन और कैसे उड़ान भर रहा है, इसकी भनक भी पुलिस को नहीं होती। एक दिन पहले दक्षिण भारत की विश्व प्रसिद्ध संस्था के तिरुपति मंदिर के ऊपर से जिस पैरामोटर ने उड़ान भरी थी, उसे उड़ाने तक की मंजूरी पुलिस-प्रशासन या एटीसी से नहीं ली गई थी। यहां तक कि केडीबी की सरकारी भूमि पर बिना अनुमति पैरामोटर ने टेकऑफ और लैंडिंग की थी।
शनिवार को अमर उजाला टीम ने कुरुक्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों का जायजा लिया। कहीं भी सुरक्षा के प्रबंध नहीं दिखे। यह हालात तब हैं जब 12 दिन बाद कुरुक्षेत्र में 7 से 23 दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव होने जा रहा है। ब्रह्मसरोवर स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर, प्राचीन बाबा श्रवण नाथ हवेली, स्थाणु तीर्थ, गीता जन्मस्थली ज्योतिसर और शेख चेहली मकबरे के आसपास सुरक्षा के प्रबंध नाकाफी दिखे। यहां न तो पुलिस प्रशासन ने कोई सुरक्षा प्रबंध किये हैं और न ही इन धर्मस्थलों के प्रबंधकों द्वारा किसी प्रकार के सुरक्षा इंतजामात हैं। यहां उल्लेखनीय है कि कुरुक्षेत्र में सिर्फ तिरुपति मंदिर में मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था है। ब्रह्मसरोवर में स्थित प्राचीन सर्वेश्वर महादेव मंदिर के महंत रोशनपुरी महाराज ने कहा कि मुख्य आयोजनों के दौरान ही उनके मंदिर के आसपास पुलिस सुरक्षा के प्रबंध दिखाई देते हैं, जबकि प्रमुख धर्मस्थलों की निगरानी के लिये सुरक्षा प्रबंध होना लाजिमी है।
पुलिस ने शुरू की जांच, सीईओ बोले राजस्थान हूं
जिस एजेंसी का यह पैरामोटर था उसके सीईओ यादविंद्र सिंह बोले मैं इस समय राजस्थान के पुष्कर में हूं। उन्होंने माना कि पुलिस के एक जांच अधिकारी ने शनिवार को फोन पर उनसे पूछताछ की थी। सीईओ ने अपनी एजेंसी की ओर से सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने इस दौरान किसी प्रकार की कोई कॉमर्शियल एक्टिविटी नहीं की थी। केडीबी ग्राउंड से यह कुछ दूरी तक ही उड़ान का सिर्फ ट्रायल लिया गया था।
सैनी पब्लिक स्कूल को लेनी चाहिए थी अनुमति : सीईओ
देश में अधिकांश जगहों पर पैरामोटर की एक्टिविटी कराने वाली साहसी ग्रुप नाम की इस एजेंसी के सीईओ का कहना है कि सैनी पब्लिक स्कूल के टीचर ने पैरामोटर में सवार होकर अपने स्कूल की वीडियो बनाई थी। उन्होंने दो टूक कहा कि पुलिस-प्रशासन से उन्हें नहीं, बल्कि सैनी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल को अनुमति लेने की आवश्यकता थी, जोकि नहीं ली गई।
सैनी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल का पक्ष
सैनी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. साहिल शर्मा का कहना है कि जब उनके स्कूल ने कोई एक्टिविटी कराई ही नहीं तो वे पुलिस-प्रशासन से अनुमति किसके लिए लेते। एजेंसी के सीईओ कई बार उनके स्कूल में आकर पैरामोटर की एक्टिविटी कराने के लिए जोर डाल चुके थे, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया था। यादविंद्र सिंह ने कुछ बड़े स्कूलों के नाम लेकर बताया था कि वहां भी पहले इस तरह पैरामोटर की एक्टिविटी कराई जा चुकी है।
एसपी बोले हाईअलर्ट है, जांच कराएंगे
अमृतसर के धार्मिक स्थल पर हुए घटनाक्रम के बाद देशभर में हाईअलर्ट है। यह मामला संज्ञान में है। इसकी जांच कराएंगे कि बगैर पुलिस प्रशासन की अनुमति के धार्मिक स्थलों के ऊपर से पैरामोटर को कैसे उड़ाया गया। इस मामले में जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी, की जाएगी।
- सुरेंद्र पाल सिंह, एसपी कुरुक्षेत्र।