बच्चों के हत्या आरोपियों के बहिष्कार पर रविवार को होगी पंचायत
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
गांव सारसा के समीर, सिमरन और समर की निर्मम हत्या में पिता और चाचा का नाम आने से सभी स्तब्ध है। क्षेत्र के लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गांववाले अब आरोपियों के बहिष्कार पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए गांव में रविवार को बाकायदा पंचायत का आयोजन होगा।
गांववासियों का कहना है कि अपने ही बच्चों की हत्या करने जैसा कुकृत्य आज से पहले कभी नहीं सुना। इस कुकृत्य में शामिल आरोपियों से किसी भी प्रकार से मानवता की आस नहीं की जा सकती। ऐसे लोगों का समाज में कोई स्थान नहीं है। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। जिससे कोई भी ऐसा कुकृत्य न कर सके। इसके लिए रविवार को गांव में पंचायत होगी। उसमें इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। गांव के सरपंच कर्मवीर ने बताया कि बच्चों के अंतिम संस्कार के बाद आरोपियों के बहिष्कार पर विचार किया गया था। इसमें किसी निर्णय पर नहीं पहुंच सके। अब रविवार को गांव में पंचायत होगी। इस पंचायत में बच्चों की मां सुमन के मायके वालों को भी बुलावा भेजा गया है। उनके समक्ष ही निर्णय पर विचार होगा।
पूरा गांव बच्चों के साथ
गांव के लोगों का कहना है पूरा गांव बच्चों के लिए इंसाफ की मांग कर रहा है। इसमें जरा सी चूक बर्दाश्त नहीं होगी। यदि पुलिस या परिवार के लोग किसी भी आरोपी को बचाने का प्रयास करेंगे तो पूरा गांव उनके खिलाफ हो जाएगा। फिलहाल वे पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। यदि इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई चूक हुई, तो सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ने परिवार से की मुलाकात
राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य परमजीत बडोला वीरवार को गांव सारसा पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। बडौला ने कहा कि आयोग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ है। किसी भी प्रकार की मदद के लिए आयोग उनके साथ हैं और वह उनसे कभी भी संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि इस मामले में किसी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। पुलिस बगैर दबाव के इस मामले में कार्रवाई करे। बच्चों के दादा जीताराम ने बताया है कि वह पुलिस द्वारा की कार्रवाई से संतुष्ट हैं।