अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। गुरप्रीत हत्याकांड में शुक्रवार को भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जबकि इस मामले की जांच का जिम्मा जिला अपराध शाखा को सौंप दिया गया है, जिसके बाद तीन टीमें चंडीगढ़, पंजाब व उत्तरप्रदेश की ओर रवाना हो चुकी है।
हालांकि इस हत्याकांड को क्यों अंजाम दिया गया, यह खुलासा अभी तक पुलिस नहीं कर पाई है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला छात्र संघ चुनाव से भी जुड़ा हो सकता है। हत्या के पीछे कोई भूमि विवाद या अन्य कोई कारण सामने आ रहा है। ऐसे में यही माना जा रहा है कि छात्र संघ चुनावों के समय कहीं इनमें आपसी विवाद हुआ हो। वहीं यह मामला गुटों की आपसी तकरार व वर्चस्व का भी हो सकता है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बच रही है। वहीं कमेटी चौक बाजार में, जहां सरेआम युवक का कत्ल हुआ, उस बाजार में आज भी दहशत है।
जल्द कर लिए जाएंगे आरोपी काबू, सुराग लगे हाथ : केवल सिंह
अपराध शाखा के प्रभारी इंस्पेक्टर केवल सिंह ने दावा किया है कि शनिवार शाम तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। कुछ सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर तीन टीमें यूपी, चंडीगढ़ और पंजाब आरोपियों की तलाश में गई हैं। पुलिस हर बिंदु को आधार बनाकर जांच में जुटी है। जल्द ही मामले का पटाक्षेप कर दिया जाएगा।
हत्याकांड के बाद पुलिस गश्त तेज
इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने बाजारों में गश्त बढ़ा दी है। भीड़भाड़ वाले इलाके में खास नजर रखी जा रही है। विशेषकर युवाओं की गतिविधियों को फोकस किया जा रहा है। क्योंकि युवाओं के सड़कों व बाजारों में खड़े ग्रुप झगड़े का कारण बन सकते हैं। इसलिए पुलिस युवाओं की टोलियां नहीं बनने दे रही।
यह था मामला
दिवाली से एक दिन पूर्व शाहाबाद के सबसे व्यस्त कमेटी चौक बाजार में गांव मद्दीपुर के गुरप्रीत सिंह(22) की की सरेआम चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में पुलिस ने मृतक के भाई तरसेम की शिकायत पर मनजीत सिंह निवासी गांव तंगौर, रवि राणा निवासी गांव कठुआ, ऊधम राणा निवासी गांव कठुआ, आदि राणा निवासी गांव सूढ़पुर तथा 4-5 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।