शाहाबाद। रविवार को तड़के करीब 2 बजे शाहाबाद-पिपली जीटी रोड पर गांव धंतौड़ी के पास वोल्वो बस, कैंटर व ट्राले की टक्कर में ट्राले के क्लीनर की मौत हो गई जबकि 6 लोग घायल हो गए हैं। घायलों में इजराइल की महिला सहित कैंटर चालक, बस चालक व अन्य लोग शामिल हैं। हालांकि इस हादसे में इजराइल की महिला आरओ को गंभीर चोटें नहीं आई, लेकिन उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
जानकारी के मुताबिक वोल्वो बस का चालक शिव कुमार निवासी कांगड़ा शनिवार रात को करीब दस बजे बल्यू मार्ग की वोल्वो बस में मजनू टिल्ला दिल्ली से करीब 22 सवारियों को लेकर मनाली के लिए चला था। जब वह शाहाबाद के गांव धंतौड़ी के पास पहुंचा तो पीछे से आ रहे कैंटर चालक ने बस को ओवरटेक करने का प्रयास किया तो कैंटर की साइड बस को लग गई। इससे बस चालक तैश में आ गया और उसने सड़क पर ही फ्रूट से लद्दे कैंटर के आगे बस को लगा कर कैंटर को रोक दिया। इस पर कैंटर चालक व बस चालक में खूब बहस हुई। बताया जा रहा है कि बस के सीनियर व जूनियर चालक ने कैंटर चालक के साथ मारपीट भी की। झगड़ा बढ़ता देख बस की सवारियां नीचे उतर आई और बीच-बचाव करने लगी। इसी बीच पिपली की तरफ से आ रहे एक अन्य ट्राले ने कैंटर के पीछे टक्कर मार दी। इस टक्कर में कैंटर के आगे खड़े लोग कैंटर की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं टक्कर मारने के बाद लोहे की चद्दरों से लद्दा ट्राला खाद्यान्नों में घुस गया और पेड़ों से जा टकराया। इस हादसे में ट्राले के क्लीनर राजेश यादव निवासी गांव धरौरा जिला हथरस (यूपी) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि ओआर सपुत्री इजरा निवासी इजराइल, कैंटर चालक कश्मीर सिंह सपुत्र भूप सिंह निवासी मंडी हिमाचल प्रदेश, बस चालक शिव कुमार निवासी कांगड़ा, देवेन्द्र निवासी शिमला, रणधीर निवासी शिमला, विनोद निवासी दिल्ली, मीनल निवासी नोएडा घायल हो गए। सूचना मिलते ही हेल्पर्स की टीम प्रधान तिलक राज अग्रवाल के नेतृत्व में दुर्घटना स्थल पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। इजराइल वासी घायल को उनके कहने पर पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया गया जबकि अन्य घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
ट्राला के चालक का नहीं लगा कोई सुराग, दबा हो सकता लोहे की चदरों के नीचे
हादसे के बाद ट्राले के चालक कोई सुराग नहीं लग रहा है। ट्राला चालक दिल्ली से ट्राला में लोहे की करीब कई टन चदरें लाद कर लुधियाना जा रहा था, लेकिन रास्ते में धंतौड़ी के पास सड़क हादसे में ट्राला खाद्यान्नों में जा घुसा और पेड़ से जा टकराया, जिस कारण लोहे की चदरें ट्राले से नीचे जा गिरी। इस हादसे में क्लीनर की तो मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन चालक का कोई सुराग नहीं लग पा रहा है। जबकि उसका फोन टूटा हुआ मिला है। बड़ी संख्या में लोग चदरों को हटाने में लगे थे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक चालक का सुराग नहीं लगा था। यह भी हो सकता है कि चालक कहीं रास्ते में उतर गया हो, पुलिस भी उसकी तलाश कर रही है।
हेल्पर्स का रहा विशेष योगदान
इस सड़क हादसे के राहत कार्यों में हेल्पर्स संस्था का विशेष योगदान रहा। सूचना मिलते ही हेल्पर्स की टीम हादसे के बीस मिनट बाद मौके पर पहुंच गई थी। हेल्पर्स के प्रधान तिलक राज अग्रवाल, सचिव जयपाल, इन्द्र बत्तरा, सीता, पूर्ण सिंह आदि ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और अन्य राहत कार्य में सहयोग किया। सिविल अस्पताल की एंबुलेंस में राहत कार्य में जुटी रही।