एम्स की टीम ने देखा छात्रा का बैग, कॉपियां देंखी, मां से की अकेले में बात
अमर अजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
झांसा निवासी छात्रा और छात्र की रहस्यमयी मौत के मामले में अपनी फाइनल ओपिनियन देने से पहले दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की टीम मंगलवार को मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए गांव झांसा पहुंच चुकी है। डॉ. डीएन भारद्वाज की अध्यक्षता में पहुंची तीन सदस्यीय इस टीम ने मृतक छात्र और छात्रा के परिजनों से दोनों के व्यवहार के बारे में विस्तारपूर्वक बातचीत की। उन्होंने थाना प्रभारी दिलीप कुमार की मौजूदगी में मृतक छात्रा के घर जाकर उसकी माता से अकेले में बातचीत की। इसके बाद मृतक छात्रा का स्कूल बैग चेक करने के साथ उसकी कापियां, किताबें और छात्रा के लेख भी देखे। बताया जा रहा है कि चिकित्सकों का यह सब चेक करने का मुख्य उद्देश्य छात्रा की मानसिकता के बारे में जानना था। इससे यह देखा जा रहा है कि बच्चे आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा सकते हैं या नहीं।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान एम्स के डॉक्टरों ने मृतक छात्रा की माता को आश्वासन दिया कि वह मामले को अच्छी तरह से समझ कर ही अपनी ओपिनियन देंगे। मृतकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद डाक्टरों ने मृतक छात्र के परिजनों से भी बात की और पूरी स्थिति को समझा। टीम पुलिस के साथ गांव बुढेडा और गांव बूढ़ा खेड़ा में शव मिलने वाले स्थानों का निरीक्षण करने के लिए रवाना हो गई। बता दें कि एम्स के विशेषज्ञों का बोर्ड मृतक छात्रा और छात्र की एफएसएल रिपोर्ट पर अपनी फाइनल ओपिनियन देगा। इनमें से तीन डॉक्टरों की टीम वरिष्ठ डॉ. डीएन भारद्वाज की अध्यक्षता में मौके पर जाकर छात्रों की मनोदशा को जानने के लिए गांव झांसा पहुंची है।