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पुलिस कार्रवाई से नहीं संतुष्ट, सीबीआई से हो पूरे मामले की जांच

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पुलिस कार्रवाई से नहीं संतुष्ट, सीबीआई से हो मामले की जांच
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अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
गांव सारसा के मासूम समर-सिमरन-समीर की निर्मम हत्या की चौतरफा निंदा हो रही है। उधर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बच्चों की मां सुमन एक कमरे में बैठकर सिर्फ बच्चों की तस्वीर ही निहारती रहती है और गांव की महिलाएं उसे ढाढ़स बंधा रही है, लेकिन सुमन के आंसु रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। उसकी जुबां पर सिर्फ अपने बच्चों का नाम है। परिजनों का कहना है कि उनकी पूरी दुनिया वीरान हो चुकी है। उनका जीना बेकार हो चुका है। अब सिर्फ मासूम बच्चों को इंसाफ दिलाना ही उनका एकमात्र मकसद है। इसमें जो भी शामिल है उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। बच्चों की दादी धन्नो देवी ने बताया कि इस घटना के बाद उसका बेटे सोनू से कोई नाता नहीं रह गया है। उसके बेटे ने अपने बच्चों की हत्या करवा दी, उससे अब उसका कोई संबंध नहीं है। वह सोनू की शक्ल नहीं देखना चाहती है। इस घटना में जो भी लोग शामिल है उनका इससे भी बुरा हाल होना चाहिए। उसके पोते-पोती को मारने वालों के भी टुकड़े-टुकड़े कर वहीं जंगल में फेंक देने चाहिए, ताकि कोई जानवर उन्हें खा सके। इस हत्याकांड में शामिल कोई भी आरोपी नहीं बचना चाहिए और सच्चाई सभी के सामने आनी चाहिए। बच्चों की दादी धन्नो देवी ने बताया कि उन्हें सोनू पर पूरा शक है कि वह इस हत्याकांड में शामिल हो सकता है। सोनू हमेशा तीनों बच्चों से दूर रहता था। बच्चों से वह इतनी बात नहीं करता था, लेकिन उसे पता नहीं था कि वह इस कदर नीचे गिर जाएगा और अपने ही बच्चों का कत्ल करवा दे। उसे जरा भी सोनू के इरादे पर शक होता तो वह अपने बहु और पोता पोती को लेकर यहां से कहीं दूर चली जाती। कम से कम आज यह दिन तो नहीं देखना पड़ता। उधर, तीन बच्चों की हत्या करने के आरोपियों के खिलाफ पिहोवा बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को पिहोवा कोर्ट में विशेष बैठक कर सर्व सम्मति से फैसला लिया कि कोई भी वकील इस हत्याकांड में आरोपियों की तरफ से केस की पैरवी नहीं करेगा। एसोसिएशन के प्रधान सुनील बंसल ने कहा कि इस हत्याकांड में जिस तरह मासूम बच्चों को बड़ी बेदर्दी से मारा गया है इसकी जितनी भी निंदा की जाए वो कम होगी। सामाजिक तौर पर भी ऐसे लोगों का बहिष्कार होना चाहिए। की। सभी वकीलों ने बच्चों की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन भी धारण किया। इस मौके पर सुमित गर्ग, दलजीत मोर, वीपी कौशिक, जितेंद्र अनेजा, राजेश हरित, रविंद्र गाबा, राजबीर ठोल, गौरव शर्मा, गगन सिंगल, सहित अन्य वकील मौजूद रहे।


मामले की हो सीबीआई जांच
बच्चों की मां सुमन ने बताया कि उसे अपने बच्चों के लिए इंसाफ चाहिए। इस हत्याकांड में जो भी शामिल हो उस पर पूरी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर शक जताते हुए सुमन ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। पुलिस किसी दबाव में आकर सोनू को बचाने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने अभी तक सोनू के खिलाफ मामला भी दर्ज नहीं किया है। इस मामले में शामिल में कोई भी अपराधी बचना नहीं चाहिए। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी का पानी हो सके।
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पति पर पूरा शक
सुमन ने बताया कि उसे सोनू पर पूरा शक है कि वह इस घिनौने अपराध में शामिल है। सोनू के कहने पर ही जगदीप ने बच्चों की हत्या की होगी, क्योंकि इन दोनों की एक ही बात थी। दोनों किसी भी काम को करने में एक दूसरे से सलाह भी करते थे और एक दूसरे की मदद भी करते थे। रविवार को बच्चों के लापता होने के बाद सोनू को देखने से लगा ही नहीं कि उसे बच्चों के लापता होने का जरा सी भी दर्द हो। उसके माथे पर एक शिकन तक नहीं थी। बच्चों के लापता होने के बाद होने के करीब उसने 3 बजे सोनू को फोन कर पूछा था बच्चे मिल गए क्या, लेकिन उसने सिर्फ इतना कहा कि बच्चे नहीं मिले और फोन काट दिया। उसने चार-पांच बार सोनू को फोन किया, लेकिन उसने हर बार उसकी बात सुने बिना ही कहा कि अभी बच्चे नहीं मिले है। बच्चों के लापता होने के बाद उसने एक बार भी खुद फोन नहीं किया। रात को भी घर आकर वह इधर-उधर की बातें करता रहा।


जगदीप सोनू को बचा रहा
बच्चों की मां सुमन ने बताया कि जगदीप और सोनू की आपस में मिलीभगत है। जगदीप सोनू को बचाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए वह अपने ब्यान से मुकर रहा है। जगदीप ने पहले ब्यान में कहा था कि सोनू के कहने पर ही उसने इस जघन्य अपराध को किया है। लेकिन अब वह अपने पहले बयान से पलटते हुए कह रहा है कि उसने बच्चों की हत्या जमीन और पैसे के लालच में की है। जगदीप झूठ बोल रहा है। जगदीप ने सोनू के कहने पर ही बच्चों की हत्या की है। जगदीप को पता है कि यदि सोनू कानून की गिरफ्त से बाहर होगा तो वह उसे भी बचाने की कोशिश करेगा। उसे अब पुलिस कार्रवाई पर भी संदेह होने लगा है। इसलिए इस मामले की जांच सीबीआई से हो, ताकि अपराधी को सजा मिल सकें।


कातिलों को मिले सजा : रीना
जगदीप की पत्नी रीना ने बताया कि यह हत्याकांड में शामिल कातिलों को कड़ी सजा मिलने चाहिए। चाहे वह उसका पति भी क्यों ना हो। उसे इस बारे में कुछ नहीं पता था कि उसका पति इस घटना को अंजाम दे सकते हैं। कातिल चाहे कोई भी हो वह सिर्फ सजा का हकदार है। इस घटना से पहले उसे एक बार भी अपने पति जगदीप पर शक नहीं हुआ कि वह ऐसा कोई कुकृत्य भी कर सकता है।

पूरा गांव बच्चों के साथ
गांव के लोगों का साफ कहना है कि पूरा गांव बच्चों के लिए इंसाफ के लिए खड़ा है। इसमें जरा सी चूक भी बर्दाश्त नहीं होगी। यदि पुलिस या परिवार के लोग किसी भी आरोपी को बचाने का प्रयास करेंगे तो पूरा गांव उनके खिलाफ खड़ा होगा। इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई चूक हुई तो सीबीआई जांच की मांग करेंगे। रविवार को गांव में एक पंचायत होगी जिसमें बच्चों की हत्या में शामिल अपराधियों का बहिष्कार करने पर विचार किया जाएगा। उधर, सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो क्लिप ने ग्रामीणों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जिसको लेकर ग्रामीण आशंका जता रहे है कि इस हत्याकांड में कोई ओर भी शामिल है।
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सोशल मीडिया पर ऑडियो क्लिप वायरल
सोशल पर इस मामले में एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई है, जिसमें एक महिला और एक व्यक्ति बच्चों की हत्या से संबंधित बातें कर रहे हैं। अब इसकी भी जांच की मांग की जाने लगी है।
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