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जहर देकर विवाहिता की हत्या के आरोप के बाद एफएसएल ने चिता बुझाकर जुटाए सबूत
- 20वें जन्मदिन के अगले दिन ही विवाहिता की पीजीआई में हुई मौत
- परिजनों ने लगाया लस्सी में जहरीला पदार्थ मिलाकर मारने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। गांव सूढ़पुर की 20 वर्षीय विवाहिता की पीजीआई में संदिग्ध हालात में मौत के बाद बवाल हो गया। विवाहिता का अंतिम संस्कार रोकने का मायके वालों ने प्रयास किया। बवाल बढ़ने और शिकायत पर एफएसएल की टीम ने चिता बुझाकर शव के नमूने लिए।
करनाल के गांव सगा सौंकड़ा वासी निकिता का विवाह डेढ़ साल पहले कुरुक्षेत्र के गांव सूढपुर वासी दिग्विजय सिंह से हुआ था। निकिता 24 सितंबर को ही 20 वर्ष की हुई थी। जन्म दिन दूसरे दिन उसने पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। शाहाबाद पुलिस ने मृतका की मेडिकल रिपोर्ट मंगाई है। पीजीआई से मिली रिपोर्ट में मौत का कारण संक्रमण बताया गया है। मृतका के मायके वालों को बुधवार सुबह ही सूचना दी गई थी। निकिता का मायके वाले सूढ़पुर पहुंचे तो यहां काफी बवाल हुआ। मायके वालों ने निकिता के ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए। विवाद की सूचना पर डीएसपी जगदीश राय और थाना प्रभारी नैब सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। मृतका मायके वालों ने जमा लगाने की चेतावनी दे डाली। इसके बाद एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और चिता बुझाकर सबूत जुटाए।
बहन का चेहरा नहीं देखने दिया, मां से की मारपीट
मृतका की बहन पिंकी ने आरोप लगाया कि संस्कार के दौरान ससुराल वालों ने उन्हें निकिता का चेहरा तक नहीं देखने दिया। उन्होंने चेहरा देखने का प्रयास किया तो ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके और उसकी मां के साथ मारपीट की। पिंकी ने आरोप लगाया कि उसकी बहन की करीब 6-7 माह की बच्ची भी है। लेकिन उसके बावजूद भी ससुराल के लोग सही व्यवहार नहीं करते थे और परेशान करते थे। बुधवार को सुबह नौ बजे सूचना दी कि गई उनकी बहन बीमार है और उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया है। पिंकी ने आरोप लगाया कि उसकी बहन को कोई बीमारी नहीं थी। उसे ससुराल वालों ने संदिग्ध पदार्थ देकर मारा है।
विवाहिता की बहन की शिकायत पर ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पीजीआई से मिली रिपोर्ट के अनुसार, निकिता की मौत संक्रमण से हुई है। पुलिस की मौजूदगी में झगड़ा नहीं हुआ। अगर पुलिस के आने से पहले झगड़ा हुआ है तो जांच की जाएगी। पुलिस ने 304 बी, 201, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
- नैब सिंह, थाना प्रभारी
माफी मांगने से बहन नहीं आएगी वापस
पुलिस जब मृतका के परिजनों के ब्यान दर्ज कर रही थी तो ससुराल वालों ने अपील की कि उन्होंने उनकी बेटी को नहीं मारा। उन्होंने लड़की की मां, बहन सहित सभी परिजनों से कथित रूप से कहा कि अगर फिर भी उन्हें ऐसा लगता है कि उनसे कोई गलती हुई है तो वह माफी के हकदार हैं। इस पर मृतका की बहन पिंकी ने कहा कि माफी मांगने से उसकी बहन वापस नहीं आ सकती। पिंकी ने कहा कि उसकी बहन को खाने-पीने की चीजों से भी वंचित रखा जाता था। पिंकी ने कहा कि उसकी बहन को कुछ दिन पूर्व लस्सी में कुछ मिलाकर दिया गया था। जिस कारण उसकी बहन की तबीयत बिगड़ी।
माता-पिता करते हैं मजदूरी- नहीं है कोई भाई
मृतका की बहन पिंकी ने बताया कि वह तीन बहनें हैं जिसमें बड़ी बहन अंजना शादीशुदा है और मृतका निकिता की शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी। उसने बताया कि उसके माता-पिता मजदूरी करते हैं और उनका कोई भाई नहीं है।