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- जाट समुदाय के दोनों गुटों में खुद को असली व दूसरे को नकली करार देने को लेकर हुई खींचतान

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एक दूसरे को नकली साबित करने में जुटे जाट सभा के दोनों प्रधान, असली होने के सौंपे सुबूत
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट सभा की प्रधानी को लेकर छिड़ी जंग के बीच खुद को असली तो दूसरे को नकली करार देने के लिए दोनों कार्यकारिणियो के बीच बुधवार को फर्म एंड सोसायटी जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में आमने-सामने हुए तो अपने-अपने तथ्यों के आधार पर जमकर खींचतान हुई। दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे साबित करते हुए दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। वहीं यह भी स्पष्ट किया कि उनकी ही असली कार्यकारिणी है और सभा एवं धर्मशाला के हित में कार्य कर रही है। पिछले कई दिनों से गहराते जा रहे मामले के बीच ही बुधवार को रजिस्ट्रार सुषमा बवेजा ने दोनों कार्यकारिणी को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजकर बुलाया। करीब दो घंटे तक दोनों पक्षों के साथ उनकी बैठक चली। इस दौरान उन्होंने दोनों ही पक्षों के बयान दर्ज किए । बैठक पूरी होने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका, लेकिन इस दौरान दोनों पक्षों ने अपना-अपना दावा मजबूती से रखा। वहीं एक-दूसरे की खामियां भी प्रस्तुत कीं। इसके चलते ही खींचतान जैसा माहौल भी बना रहा, लेकिन कुछ दिनों पहले ही बनी नई कार्यकारिणी के प्रधान अंग्रेज सिंह व अन्य पदाधिकारी अपना पूरा पक्ष रखने के बाद निकल गए तो वहीं राजकुमार गुट इसके बाद भी करीब आधा घंटे तक जिला रजिस्ट्रार के समक्ष अपना पक्ष रखता रहा।
जिला रजिस्ट्रार ने करीब डेढ़ घंटा दोनों पक्षों की एक साथ बैठक की तो रखे पक्ष व लगाए आरोपों पर भी एक-दूसरे से सफाई ली। दोनों ही गुट अपने-अपने समर्थकों के साथ पहुंचे हुए थे। दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल को ही कार्यालय में बुलाया गया, जबकि बड़ी संख्या में लोग बाहर खड़े रहे।
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बता दें कि दो दिन पहले ही राजकुमार गुट की ओर से अंग्रेज सिंह व धर्मशाला के मैनेजर भले राम के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज कराया है, जिसके बाद मामला और भी गहरा गया है।
पूरे तथ्यों के साथ रखा अपना पक्ष : अंग्रेज
नई कार्यकारिणी प्रधान अंग्रेज सिंह किचमिच ने अपने बयान दर्ज कराने के बाद बताया कि जिला रजिस्ट्रार के समक्ष अपना पूरा पक्ष तथ्यों के आधार पर रख दिया है। उन्होंने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान में राजकुमार ढुल की कार्यकारिणी नहीं है। राजकुमार कई माह पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। इस संबंध में प्रस्ताव तक डाले हुए हैं। पूरी प्रक्रिया के अनुसार ही समाज के लोगों ने उन्हें प्रधान बनाया है।
रिकॉर्ड दिलाने की रखी मांग, वहीं पूरी नहीं की : राजकुमार
राजकुमार ढुल ने बताया कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी कार्यकारिणी ही वर्तमान समय तक असली है। पूरी प्रकिया के अनुसार है, लेकिन इस दौरान उन्होंने अंग्रेज सिंह की कार्यकारिणी से रिकॉर्ड दिलाए जाने की मांग रखी थी। वहीं पूरी नहीं की गई। उन्होंने यह भी मांग की कि जब सही कार्यकारिणी उनकी है तो दूसरी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
सदस्य बनाने को लेकर पहले से ही चल रहा विवाद : रजिस्ट्रार
जिला रजिस्ट्रार सुषमा बवेजा का कहना है कि जाट सभा का विवाद पहले से ही सदस्य बनाए जाने को लेकर चला हुआ है। उसी के साथ अब दूसरी कार्यकारिणी का मामला आ गया है। इन्हीं के चलते दोनों पक्षों के ब्यान दर्ज करने व सुबूत दिए जाने को लेकर बुलाया गया था। दोनों पक्षों ने ही अपने-अपने स्तर पर दावा जताया है, लेकिन मामले की अभी जांच की जाएगी। अगले दो दिन में इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा।
रिकार्ड अनुसार राजकुमार के नेतृत्व में ही अभी तक कार्यकारिणी सही
जिला रजिस्ट्रार का कहना है कि उनके पास स्थित रिकार्ड के अनुसार अभी तक राजकुमार ढुल के नेतृत्व में बनी कार्यकारिणी ही सही है। हालांकि अंग्रेज सिंह ने भी अपनी कार्यकारिणी को लेकर कई दिनों पहले तक दस्तावेज जमा कराए है। अब इस मामले की ओर भी गहराई से जांच की जाएगी, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
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तैनात रहा भारी पुलिस बल
जिला रजिस्ट्रार के समक्ष दोनों पक्षों के ब्यान पूरे होने व सभी लोगों के वहां से चले जाने तक तनातनी की संभावना के चलते भारी पुलिस बल तैनात रहा। सेक्टर 7 पुलिस चौकी इंचार्ज राजपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल दोनों पक्षों के यहां पहुंचने की सूचना मिलते ही पहुंच गया था। पूरी तरह से किसी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहा। वहीं खुफिया विभाग भी इस मामले को लेकर पूरी तरह सर्तक रहा।
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