अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
बगैर लाइसेंस और परमिट के देसी दवाइयां बनाने का गोरखधंधा चला रही एक कंपनी के गोदाम में पुलिस, जिला आयुष विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर ने छापेमारी की और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान तीनों टीमों को दवाइयों को तैयार करने में काफी अनियमितताएं मिली हैं। बहरहाल पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर इनके खिलाफ थाना पिपली में मामला दर्ज कर लिया है। तीनों टीमों ने अलग-अलग सैंपल लेकर दवाइयों की जांच के लिए भेजा है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग के मुताबिक पुलिस को गांव सिरसिमा के निकट स्थित एक गोदाम में नकली दवाईयां बनाने वाले एक गिरोह की सूचना मिली थी। थाना पिपली के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने ड्रग इंस्पेक्टर और जिला आयुष अधिकारी को इसके बारे में अवगत कराया था। यह सूचना मिलते ही जिला आयुष अधिकारी डा. सुदेश जाटियान, आयुर्वेद मेडिकल आफिसर डा. अमृतलाल, ड्रग इंस्पेक्टर सुनील दहिया मौके पर पहुंचे और गोदाम में रखी दवाओं का निरीक्षण किया। गोदाम में पिछले काफी समय से देसी दवाइयां बनाने का धंधा बगैर परमिट और लाइसेंस के चल रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान बगैर लाइसेंस और परमिच के दवा फैक्टरी चला रहे जिला कैथल गांव बीर बांगडा वासी भूपेंद्र सिंह और पश्चिम बंगाल के गांव अपराकलां गिरी जिला जलपाईगुडी वासी रतन प्रधान और सुदर्शन को मौके से गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से यह पूछताछ करने में जुटी है कि यह दवाइयां कहां-कहां सप्लाई की जा रही थी।
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मक्की के आटे का हो रहा था दवाइयों में मिश्रण
कुरुक्षेत्र-यमुनानगर रोड पर स्थित सिरसिमा के निकट जिस गोदाम में छापेमारी की गई थी, उसमें दवा उत्पादों में मक्की के आटे का मिश्रण किया जा रहा था। बताया गया है कि छापेमारी के दौरान टीमों की नजर एक पाउडर पर पड़ी थी। पूछने पर बताया गया कि यह पाउडर देसी दवाइयों में डालने के लिए मंगाया गया था। हालांकि जिला आयुष अधिकारी डा. सुदेश जाटियान का कहना है कि इस तरह का कोई पाउडर आयुर्वेद की दवाइयों में मिश्रित नहीं किया जाता।
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एलोपैथी दवाइयां भी मिली
देसी दवाइयां के उत्पाद तैयार करने वाली इस फैक्टरी के गोदाम में काफी मात्रा में एलोपैथी दवाइयों का जखीरा भी बरामद हुआ है। जिला आयुष अधिकारी ने इसे सरासर गलत बताया। उन्होंने बताया कि यह दवाइयां कट्टों में जमीन पर ही रखी हुई थी,जबकि जानवरों की दवाइयां भी ऐसी जमीन पर नहीं रखी जा सकती। डा. जाटियान के मुताबिक विभाग ने फैक्टरी से सैंपल ले लिए हैं। इनकी रिपोर्ट 15 दिन के भीतर आएगी। वहीं पुलिस ने भी सैंपल लेकर मधुबन भेजे हैं।