कुरुक्षेत्र। नेशनल हाईवे पर कार का अचानक संतुलन बिगड़ने से हुुए सड़क हादसे में लुधियाना के व्यापारी की पत्नी व पुत्रवधू की मौत हो गई, जबकि कार में सवार 14 माह की बच्ची सहित व्यापारी एवं उसका पुत्र बाल-बाल बच गए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टामर्टम के लिए एलएनजेपी अस्पताल के मोर्चरी हाउस में रखवा दिया है। रविवार देर शाम तक भी दोनों शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
लुधियाना के ऋषिपुरी कॉलोनी निवासी सुभाष चंद ने बताया कि वे धागे का कारोबार करते है। उनकी पत्नी सुनीता देवी का मेरठ के एक अस्पताल से घुटनों का उपचार चला रहा था। जिसके लिए उसे प्रत्येक माह मेरठ जाना होता था। रविवार को सुनीता दोपहर 12 बजे पुत्र गौरव जैन, पुत्रवधु सलोनी जैन व पोती साइशा के साथ मेरठ जाने के लिए कार से घर से निकले। दोपहर तीन बजे शाहाबाद के नजदीक गांव ज्यौड़ा के पास अचानक कार डिवाइडर से जा टकराई। जिससे सुनीता और सिलोनी गंभीर रूप से घायल हो गई। जबकि सुभाष चंद्र और पुत्र गौरव जैन को मामूली चोटें आई। राहगीरों की मदद से सभी को शाहाबाद के सामुदायिक केंद्र में पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसकी पुत्रवधु सलोनी को मृत घोषित कर दिया जबकि सुनीता की गंभीर स्थिति को देख एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया। यहां सुनीता ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि सुभाष चंद व उसका बेटा गौरव जैन लुधियाना में ही धागे का कारोबार करते हैं।
हेल्पर्स और सुखबीर सिंह ने पहुंचाई घायलों को राहत
इस हादसे में हेल्पर्स और समाजसेवी सुखबीर सिंह ने घायलों को राहत पहुंचाई। सुखबीर सिंह ने घायलों को एलएनजेपी पहुंचाने में मदद की और बिलखती बच्ची के लिए दूध आदि की व्यवस्था की। सुखबीर सिंह घायल महिला के साथ एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र भी पहुंचे और घायल के परिजनों एवं रिश्तेदारों को हादसे के बारे में सूचित किया। हेल्पर्स के प्रधान तिलक राज, सीता राम बतरा, लाडी और दीपक सहित अन्य राहगीर घायलों की मदद के लिए डटे रहे।
मासूम बच्ची मां की गोद रही ढूंढती
इस दर्दनाक सड़क हादसे में बाल-बाल बची 14 माह की साइशा अस्पताल में रोती बिलखती हुई अपनी मां सिलोनी की गोद ढूंढती रही। इस दौरान साईशा रोती हुई अपनी मां के शव से लिपटर उसे उठाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन बच्ची को नहीं पता था कि उसकी माता अब इस दुनिया को छोड़कर जा चुकी है। दादा सुभाष चंद बच्ची को दुलारते हुए उसे चुप कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन बच्ची की नजरें मां को ढूंढती रही। बच्ची का मां से जुदा होने का दर्द देख मौके पर खड़े हर शख्स की आंखें छलक पड़ी। हर कोई बच्ची को गोद में लेने का प्रयास करता रहा।