अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने मारपीट व हत्या करने के प्रयास में एक ही परिवार के 7 लोगों को 7-7 साल की कैद व 22,500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न भुगतने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
उप न्यायवादी जिला जसबीर सिहं ढांडा ने बताया कि 6 जून 2014 को थाना लाडवा में केयू थर्ड गेट चौकी के माध्यम से सूचना मिली थी कि सतीश कुमार वासी धनौरा जट्टान लड़ाई झगड़ा में लगी चोटों के कारण एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र में दाखिल है। उसी समय पुलिस को धर्मपाल, सतपाल, जगमाल, वासीयान धनौरा जट्टान के सीएचसी लाडवा में दाखिल होने बारे सूचना मिली थी। पुलिस को दिए ब्यान में सतीश कुमार ने बताया था कि उनका गांव में रास्ते को लेकर दूसरे पक्ष के साथ तनाव चल रहा है। निशानदेही भी कराई गई थी, जिस पर दूसरे पक्ष ने असहमति जताते हुए सतपाल, तेजपाल व जगमाल ने निशानदेही की बुर्जी निकाल दी थी। इस पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी थी। इसके बाद सरकारी निशानदेही की जांच कराई, जो सही पाई गई। लेकिन आरोपियों ने फिर से बुर्जी उखाड़ दी। इसकी सूचना देने उसके पिता पुलिस के पास जा रहे थे और वह खेत में जा रहा था। तभी ट्यूबवेल के नजदीक तेजपाल, सतपाल, जगमाल, राजबीर, बलदेव, सुखदेव व सलिंद्र वासी धनौरा जट्टान ने उसे घेर कर तलवारों, कस्सी व गंडासियों से हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र कौर ने गवाहों व सबूतों के आधार पर तीन भाइयों तेजपाल, सतपाल व जगमाल के अलावा उनके परिवार से ही राजबीर, बलदेव, सुखदेव व सलिंद्र को दोषी करार देते हुए भादसं धारा 307 आईपीसी के तहत 7 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा, धारा 323 आईपीसी के तहत एक वर्ष की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर में एक माह की अतिरिक्त सजा, धारा 323 आईपीसी के तहत 3 वर्ष की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 2 माह की अतिरिक्त सजा, धारा 326 आई पीसी के तहत 5 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने की सूरत में 6 माह की अतिरिक्त कैद, धारा 341 आईपीसी के तहत एक माह की कैद व 500 रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने की सूरत में 2 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।