हत्यारोपी जगदीप की जेल में आत्महत्या षड्यंत्र
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
जिला जेल में बंद हत्यारोपी जगदीप मलिक के सुसाइड प्रकरण को पुलिस का षड्यंत्र बताया जा रहा है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जगदीप मलिक के अंतिम संस्कार का मामला भी तूल पकड़ सकता है। जगदीप के वीरवार रात को जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना जैसे ही उसके पैतृक गांव सारसा पहुंची तो यहां उसके अंतिम संस्कार को लेकर विरोध के सुर सुनाई देने लगे। गांव के लोग नहीं चाहते कि जगदीप मलिक का अंतिम संस्कार गांव सारसा में हो। इसको लेकर शुक्रवार को गांव में पंचायत होने की चर्चा हो रही है।
गौरतलब है कि जगदीप पर उसके चचेरे भाई सोनू के 11 वर्षीय पुत्र समीर, सात वर्षीया बेटी सिमरन और चार वर्षीय पुत्र समर की गोली मारकर हत्या का आरोप है। सोनू और उसके चचेरे भाई जगदीप मलिक पर इन बच्चों की हत्या के गंभीर आरोप परिवार के ही सदस्यों ने लगाए थे। अब 22 नवंबर को तीनों बच्चों की हत्या के बाद अंतिम संस्कार और मुखाग्नि देने वाले तीनों बच्चों के दादा राजेश मलिक ने जगदीप मलिक की जेल परिसर में आत्महत्या प्रकरण पर शंका जताई है। राजेश कुमार का कहना है कि अगले दिनों में तीनों बच्चों की हत्या मामले में खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन इससे पहले षड्यंत्र रच कर जगदीप की मौत को आत्महत्या का रूप देकर निपटा दिया गया। बच्चों की हत्या के मामले में पुलिस ने पूछताछ के बाद बताया था कि तीनों बच्चों की हत्या करना जगदीप मलिक ने कबूल कर लिया है। पुलिस ने यह भी बताया था कि जगदीप मलिक ने इन तीनों बच्चों के अलावा कुछ साल पहले हुई परिवार में एक अन्य हत्या की वारदात को भी स्वीकार किया है। पुलिस पूछताछ में जगदीप ने स्वीकार किया था कि कुछ साल पहले वह अपने सगे छोटे भाई की भी हत्या कर चुका है। इस हत्या को करने के बाद उसने इस मामले को आत्महत्या का रूप दे दिया था। इन चारों हत्याओं में जगदीप मलिक का अहम रोल होने के कारण उसे चार दिसंबर 2017 को जेल भेज दिया गया था। उसने वीरवार को जेल के ब्लॉक नंबर-5 के कमरा नंबर-2 स्थित बाथरूम के नल में कपड़ा (परना) बांध कर आत्महत्या कर ली। बता दें कि इन तीनों बच्चों की हत्या के बाद से गांव सारसा में गांववासी जगदीप और उसके चचेरे भाई सोनू के खिलाफ हैं। लोगों में इस वारदात के बाद से जबरदस्त आक्रोश है। इसी मद्देनजर गांव के कुछ लोग जगदीप के अंतिम संस्कार पर रोक लगाने की मांग शुक्रवार को होने वाली संभावित पंचायत में उठा सकते हैं।