गुरुकुल मामले की फोटो -17 से 23,60
गोबर गैस प्लांट में 24,25, 40 से 52
- मौत के प्लांट में चार जिंदगियों के साथ दफन हो गई भरे-पूरे परिवार की खुशियां
- पंच देवेंदर की बेटी का आज होना था नामकरण, घर में थी आज चौका रस्म
- सेवक, साहिब, हरमन और 15 दिन की गुड़िया ने एक झटके में खो दिए, दादा, पिता, चाचा-ताया
नरेंद्र शर्मा
कुरुक्षेत्र। मौत के प्लांट में केवल एक परिवार की चार जिंदगियां ही नहीं, बल्कि साधन संपन्न परिवार की तमाम खुशियां भी दफन हो गईं। मृतक जोगेंदर सिंह के पुत्र सेवक सिंह, रुपेंद्र की 10 वर्षीया पुत्री हरमन और पांच वर्षीय पुत्र साहिब के अलावा मृतक पंच देवेंदर सिंह की 15 दिन की बच्ची ने एक ही झटके में अपने दादा 59, पिता, चाचा और ताया 42सहित उन रिश्तों को खो दिया। घर से चंद कदम की दूरी पर स्थित डेरा रामपुरा के गुरुद्वारे में ग्रंथी साहिब सिंह की आंखों में यह बताते हुए आंसू आ गए कि देवेंदर की बिटिया के जन्म के 15वें दिन आज चौका रस्म थी। बिटिया का नामकरण भी होना था। बच्ची के दादा बलदेव सिंह और चाचा घटना से कुछ ही देर पहले उनसे मिले थे। मगर यह खुशियां बिखर जाएंगी, इस परिवार ने यह सपने भी नहीं सोचा होगा। परिवार के सदस्य यह समझ भी नहीं पा रहे कि परिवार के जो सदस्य चंद क्षण पहले उनके इर्द-गिर्द थे, वे अब दुनिया छोड़ चुके हैं। इस भयानक घटना की सूचना बमुश्किल सूचना कनाडा में रह रहे बलदेव सिंह सबसे बड़े पुत्र मनदीप सिंह और अमेरिका में रह रहे भाई सुखदेव सिंह को दी गई। डेरा रामपुरा में इनके घरों के बाहर ढांढस बंधाने पहुंच रहे गांव के लोगों का तांता लगा है। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, जिला परिषद अध्यक्ष गुरदयाल सिंह सुनहेड़ी, मायाराम चंद्रभान पुर,विधायक सुभाष सुधा के बड़े भाई रमेश सुधा और गांव के सरपंच पुर्नवसु ने परिवार को सांत्वना दी।
नहीं थम रहे इनके आंसू
पति, दो पुत्र और देवर की मौत से मृतक बलदेव की पत्नी सुुरजीत कौर रो रोकर बेहाल हैं। यही हाल रुपेंदर सिंह की पत्नी अमन कौर और देवेंदर सिंह की पत्नी परमिंदर कौर और जोगिंदर सिंह की पत्नी कंवलजीत कौर का है। बलदेव सिंह के परिवार में अब सबसे बड़े बेटे मनदीप सिंह के कनाडा से लौटने का इंतजार हो रहा है। मनदीप सिंह कनाडा का नागरिक है और वह वहीं अपनी पत्नी, बेटा व बेटी के साथ रह रहा है।
2017 में कुरुक्षेत्र के गांव नलवी में हुई थी पंच देवेंदर की शादी
पंच देवेंदर की शादी फरवरी 2017 में ही कुरुक्षेत्र के गांव नलवी में परमिंदर कौर से हुई थी। इस घटना से गांव नलवी में मातम छा गया। बताया गया है कि 15 पहले ही परमिंदर कौर ने एक बेटी को जन्म दिया था, जिसका बुधवार को नामकरण होना था, लेकिन आज ही दिन परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ेा।
बलदेव से आज सुबह ही ग्रंथी ने पूछा था पेंशन तो बन गई होगी....
घटना का शिकार हुए चारों लोगों को जानने वाले गांववासियों और ग्रंथी साहिब सिंह का कहना है कि यह सभी काफी मेहनती थे और इनकी काफी अच्छी खेती थी। ग्रंथी के मुताबिक उन्होंने बुधवार को सुबह ही बलदेव सिंह से बातचीत करते हुए पूछा था कि आपकी तो पेंशन बन गई होगी, लेकिन उन्होंने बताया कि नहीं अभी एक साल है मेरी उम्र अभी 59 साल ही हुई है।
दशमेश ट्रैक्टर एजेंसी के मालिक थे जोगिंदर सिंह
मेन रोड से एंट्री करते ही डेरे में सबसे आलीशान कोठी जोगिंदर सिंह की है। लेकिन इस कोठी के भीतर और बाहर मातम पसरा था। जोगिंदर सिंह की कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी के निकट केडीबी रोड पर दशमेश ट्रैक्टर की एजेंसी है।