शाहाबाद। रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर प्यारा सिंह नागरा के एक रिश्तेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर 9 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी की। अपनी शिकायत में प्यारा सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुलदीप सिंह निवासी नूरपुर बुच्ची थाना इस्माइलाबाद उसकी पत्नी का भांजा है। सितंबर 2014 में कुलदीप सिंह ने उनसे पैसों की मांग की तब उसने अपनी पत्नी के कहने पर 5 लाख रुपये कुलदीप सिंह को दे दिए। कुलदीप सिंह ने कहा था कि उसका गुरलाल और विक्रमजीत के साथ एक कंपनी में हिस्सा है जो लोगों को लोन देती है। शिकायतकर्ता ने कहा कि जब उसने कुलदीप सिंह से पैसों की मांग की तो उसने कहा कि उनकी कंपनी को घाटा हो गया है और उन्हें तीन चार लाख रुपये की सख्त जरूरत है। इस पर उसने 15 जनवरी 2015 को 2 लाख 10 हजार रुपये और 18 फरवरी को दो लाख रुपये का चेक बिक्रमजीत व उसकी पत्नी को दिया। जब पैसे दिए को लगभग ढाई साल निकल गए तो उसने पैसे मांगने शुरू किए, लेकिन कुलदीप व उसके साथी टाल मटोल करते रहे। इस बीच अनेक बार पंचायत भी हुई और रिश्तेदारों का दबाव पड़ने पर कुलदीप ने फरवरी 2018 में उसे स्टेट बैंक का एक चेक दिया, लेकिन वह बैंक से डिफॉल्ट हो गया। कुलदीप ने गलत हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद कुलदीप ने उसे जान से मारने की धमकी दी, जिस पर उसने परिवार की सुरक्षा को लेकर हुड्डा पुलिस चौकी में एक शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायतकर्ता ने कहा कि इसके बाद अनेक पंचायतें हुई लेकिन उन्हें अपना कोई भी पैसा नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने कहा कि उसने कुलदीप सिंह, गुरलाल व विक्रमजीत सिंह से 9 लाख 10 हजार रुपये लेने हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।