बावरिया गिरोह की पांच महिलाओं सहित 17 सदस्यों ने की थी पिंडारसी में भेड़ पालकों की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
पिंडारसी के दोहरे हत्याकांड और 250 से अधिक भेड़ों को लूटने की वारदात को बावरिया गिरोह के 17 सदस्यों ने अंजाम दिया था। वारदात को अंजाम देने में पांच महिलाएं भी शामिल थीं। गिरोह की तीन महिलाओं सहित 11 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह दावा कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने रविवार को पत्रकारवार्ता में किया।
जिला पुलिस मुख्यालय में गर्ग ने उक्त हत्याकांड में शामिल तीन महिलाओं सहित सभी 11 आरोपियों को मीडिया के समक्ष पेश कर पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि 22 मई के पिंडारसी हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस की 6 टीमों और एक डीएसपी ने साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया। इन टीमों ने देश के अलग-अलग राज्यों से आरोपियों को पकड़ने के लिए पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल किया। दोहरे हत्याकांड में शिकार हुए दोनों लोग बाल्मीकि समुदाय के थे। घटनाक्रम के बाद से विपक्षी दलों के प्रमुख नेता अभय चौटाला, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, विधानसभा में इनेलो के विधायकदल के नेता जसविंद्र सिंह संधू सहित अन्य नेताओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और सत्तारूढ़ दल के अन्य नेताओं के अलावा डीजीपी बीएस संधू व अन्य पुलिस अधिकारी भी तीन दिन पहले पिंडारसी पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने इस वारदात की गुत्थी एक सप्ताह में सुलझाने के आदेश पुलिस को दिए थे, जिसके तीसरे दिन ही पुलिस ने पिंडारसी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा किया और तीन महिलाओं सहित 11 लोगों को देश के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार कर मीडिया के समक्ष पेश किया। एसपी ने बताया कि इस गिरोह ने वारदात से पहले रेकी की थी। वारदात से 4-5 दिन पहले ही कुरुक्षेत्र में डेरा जमा लिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद यह सभी अलग-अलग राज्यों में फैल गए, ताकि पुलिस इन तक न पहुंच सके। वहीं एक आरोपी नेपाल भागने की तैयारी में था। एसपी ने बताया कि अब पुलिस इस गिरोह के अन्य छह सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ वारदात में प्रयोग किए गए डंडों और ट्रक सहित अन्य सामान को बरामद करने का प्रयास कर रही है।
यह था मामला
22 मई को गांव पिंडारसी रेलवे स्टेशन के सामने कुछ अज्ञात लोगों ने राजा राम और अर्जुन की बेरहमी से हत्या कर दी। इनके रिश्तेदार कुलदीप उर्फ संदीप को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बता दें कि इस वारदात को अंजाम देने वाल 250 से अधिक भेड़ों को ट्रक में लादकर ले गये थे। वहीं इस घटनाक्रम के दौरान दर्जनों भेड़ें ट्रेन की चपेट में आने से कट गई थीं। जीआरपी ने इस वारदात को लेकर पिंडारसी निवासी ईशम सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। बाद में राज्य सरकार के आदेशानुसार यह मामला जीआरपी पुलिस से बदल कर जिला पुलिस को सौंप गया था।
20 से 50 वर्ष के हैं सभी आरोपी
एसपी ने पत्रकारों को बताया कि बावरिया गिरोह के सदस्यों का मुख्य उद्देश्य भेड़ों को चोरी करने और लूटपाट करना था। इस गिरोह के सदस्य हमेशा पहले परिवार पर हमला करते हैं और बाद में लूटपाट करते हैं। इस मामले में पुलिस राजस्थान से संबंधित आरोपियों के नजदीक थानों से पूछताछ कर रिकार्ड हासिल करेगी। इस रिकार्ड से आरोपियों की पुरानी आपराधिक पृष्ठभूमि जानकारी भी मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस गिरोह में 20 साल से लेकर 50 वर्ष उम्र के आरोपी शामिल हैं।
कहां-कहां से पकड़े गए आरोपी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने बताया कि कच्ची बस्ती माडी कोई निवासी हरिकेश बागडी उर्फ रमेश चंद को हिमाचल के जिला झंगोली, कच्ची माली कोठी जिला जयपुर निवासी याद राम उर्फ बेगू को जालंधर, मोडा पट्टी जिला धोंसा राजस्थान निवासी रामलाल को गोवर्धन उत्तर प्रदेश से, गांव गगाली रोड़ मिजाबाग जयपुर निवासी रमेश कुमार को गोवर्धन उत्तर प्रदेश, कुमराह खेड़ी भरतपुर राजस्थान निवासी कमलेश को गोवर्धन उत्तर प्रदेश, धोंसा राजस्थान निवासी बनी सिंह को गोवर्धन उत्तर प्रदेश, कन्ना पट्टी राजस्थान निवासी मुकेश कुमार को कुल्लू हिमाचल, धोंसा राजस्थान निवासी मीरा देवी को गोवर्धन उत्तर प्रदेश, लाल सीट जिला धोंसा राजस्थान निवासी बरखा को हिमाचल प्रदेश के झिंगोली से, कुमरा खेड़ी जिला भरतपुर राजस्थान निवासी मथुरा को गोवर्धन उत्तर प्रदेश तथा मोडा पट्टी निवासी पोखरिया को दिल्ली से गिरफ्तार कर कुरुक्षेत्र लाया गया है।