फोन पर बात करने के चंद घंटे बाद छोटी बहन को मिली आस्ट्रेलिया से इकलौते भाई की मौत की खबर
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
भाई-बहन के बीच मंगलवार रात को फोन पर लंबी बात हुई थी। फोन काटते समय छोटी बहन कल्पना दास ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि चंद घंटे बाद आस्ट्रेलियन पुलिस से परिमल की मौत की खबर मिलेगी। पुलिस को उसका शव सड़क किनारे मिलने की सूचना देगी। परिमल दास की किसी ने हत्या की गई या कोई और वजह थी। इसकी जांच आस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा की पुलिस कर रही है। कैनबरा पुलिस से परिवार का इकलौता चिराग बुझने की खबर के बाद कल्पना, परिवार के सदस्य और रिश्तेदार सदमे में है। इस सूचना के बाद कल्पना को परिवार ने बमुश्किल संभाला और इसकी सूचना परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों की दी गई।
परिमल दास (30 वर्ष) मूल रूप से कुरुक्षेत्र के रहने वाले थे। उनके पिता डॉ. अयोध्या चंद्र दास कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। उनके निधन के बाद केयू के सीनियर माडल स्कूल में परिमल की माता प्रेमलता शर्मा ने बतौर शिक्षक पदभार संभाला। कुछ साल पहले उनकी भी मृत्यु हो गई। आठ साल पहले परिमल आस्ट्रेलिया में स्टडी वीजा पर गया था। वहां पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने कैनबरा में ही केएफसी में नौकरी शुरू कर दी। एक साल पहले ही उसकी शादी आस्ट्रेलियन युवती से हुई थी। इसके बाद कुछ दिन पहले ही परिमल को आस्ट्रेलिया की नागरिकता मिल गई। पीआर (परमानेंट रिजडेंट) मिलने से परिमल खुश था। मंगलवार रात को उसने बैंगलूरू में रहने वाली अपनी छोटी बहन कल्पना से बात की थी। इसके चंद घंटे बाद आस्ट्रेलिया के समय के अनुसार सुबह करीब चार बजे परिमल का शव आस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में सड़क किनारे मिला।
कैनबरा में फ्लावर फेस्टिवल में मिला था परिमल
आस्ट्रेलिया की सिक्स सिग्मा कंसलटिंग के चीफ एग्जीक्यूटिव पुनीत चौहान ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि सीनियर मॉडल स्कूल में परिमल उनका जूनियर था। वह हंसमुख और शांत मिजाज का था। एक साल पहले ही उनकी एक दोस्त के साथ कुछ समय पहले ही फ्लावर फेस्टिवल में मिला था। इस तरह उसकी मौत की सूचना मिलेगी यह सोचा नहीं था।
चंडीगढ़ एयरपोर्ट कस्टम में ज्वॉइंट कमिश्नर हैं मामा
परिमल के मौसा एडवोकेट पृथ्वीनाथ गौतम ने बताया कि कुरुक्षेत्र में परिमल की कोठी सेक्टर-13 में है। पिता और माता के निधन के वहां ताला लगा है। उनकी बड़ी बहन अर्चना फरीदाबाद में रहती हैं, जबकि परिमल दास के मामा अरविंद शर्मा चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कस्टम में ज्वॉइंट कमिश्नर हैं। एक सप्ताह पहले ही अरविंद शर्मा से परिमल की बात हुई थी। तब उसने पीआर के बारे में बताया था।
ये आंकड़े बयां करते हैं विदेश जाकर नौकरी करने वालों का रुझान
आस्ट्रेलिया की सिक्स सिग्मा कंस्लटिंग के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर पुनीत चौहान के मुताबिक पिछले वर्ष ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटस्टिक्स (एबीएस) द्वारा जारी रिपोर्ट में पुष्टि होती है कि पिछले छह वर्षो में ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों की संख्या दोगुनी हुई है। इनमें सर्वाधिक संख्या वाला धर्म हिंदू है। उन्होंने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच अप्रवासन कार्यक्रमों की बदौलत करीब 40 हजार भारतीय 2015-2016 में ऑस्ट्रेलिया में आये थे, जबकि 2014-2015 में इनकी संख्या 34,874 रही थी। उन्होंने बताया कि एबीएस के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में आने वाले भारतीयों में से 54.6 फीसद भारतीय ग्रेजुएट हैं और उच्च शिक्षा प्राप्त हैं,जोकि ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय औसत से तीन गुणा अधिक है।