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ट्रॉले की चपेट में आई कार, दंपति सहित तीन की मौत

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र-शाहाबाद।
गांव कलसानी चौक पर ट्रॉले की चपेट में आने से स्विफ्ट कार में सवार दंपति सहित तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की पहचान पटियाला के प्रीत नगर निवासी पंजाब बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त 70 वर्षीय सेवा सिंह, उनकी पत्नी गोबिंद्र कौर और कार चालक हर्ष निवासी पटियाला के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल भेज दिया। वहां पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।
थाना प्रभारी नायब सिंह ने बताया कि बुधवार को सुबह नौ बजे सेवा सिंह अपनी पत्नी गोबिंद्र कौर के साथ कार से किसी रिश्तेदार के अंतिम भोग में शामिल होने के लिए शाहबाद के गांव जैनपुर आ रहे थे। कार को चालक हर्ष कुमार चला रहा था। उनकी कार जैनपुर से चार किलोमीटर पहले कलसानी गांव के बस अड्डे के चौक पर पहुंची तो शाहाबाद की तरफ से आ रहे ट्रॉले की चपेट में आ गई। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही हेल्पर्स की टीम मौके पर पहुंची। उसने और राहगीरों ने काफी मशक्कत के बाद शवों को कार से निकाला और जीटीरोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डाक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
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दो परिवारों में छाया मातम
एक ही परिवार के दो लोगों और चालक की मौत की सूचना मिलते ही पटियाला के दो परिवारों में मातम छा गया। मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। सभी एक दूसरे को ढांढस बंधा रहे थे। सूचना मिलते ही परिवार, रिश्तेदार और गांव के अन्य लोग अस्पताल पहुंच गए।

मर्चेंट नेवी में तैनात है मृतक दंपति का पुत्र
जांच अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने फरार ट्रॉला चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। ट्रॉले को कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद मृतक के पुत्र मर्चेंट नेवी में तैनात कमलदीप को उसके माता-पिता के शव सौंप दिए गए।
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खूनी चौक बन चुका है कलसानी बस अड्डा
कलसानी चौक को खूनी चौक का नाम दिया जाने लगा है। यहां अक्सर गंभीर सड़क हादसे होते हैं। अनेकों परिवारों ने अपने परिजनों को इस चौक पर हुए सड़क हादसों में खोया है। हालांकि, हादसे रोकने के लिए यहां हर वर्ष धार्मिक कार्यक्रम कराए जाते हैं। इसके बाद भी यहां हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा। कुछ वर्ष पूर्व भी शाहाबाद के एक हॉकी खिलाड़ी के पिता गुरदेव सिंह का निधन भी इसी चौक पर हुए सड़क हादसे में हुआ था।
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