अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के दौरान इस बार 21 समकालीन मूर्तियों से सुसज्जित गीता शिल्प उद्यान आकर्षण का केंद्र होगा, जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। 29 नवंबर को गीता जयंती महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों के शुभारंभ के दौरान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ब्रह्मसरोवर तट पर ही द्रोपदी कूप के समीप स्थापित किए जा रहे इस उद्यान का उद्घाटन कर सकती हैं, हालांकि अभी इसकी अधिकृत सूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन राष्ट्रपति से उद्घाटन कराने के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
पिछले वर्ष अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में आए विभिन्न राज्यों के शिल्पकारों की ओर से 18 दिन में इन 21 समकालीन मूर्तियों को तैयार किया गया था। अब इन्हें बेस पर स्थापित कर दिया गया है। इन पर टाइटिल, कलाकार के नाम और मूर्ति के बारे में भी जानकारी दी गई है। मूर्तियों को और भी पर्यटकों के लिए आर्कषक बनाने को लेकर इनके आसपास लाइटें भी लगाने की योजना है। काले संगमरमर से बनी पांच टन से 12 टन वजनी ये मूर्तियां हरियाणा, असम, तेलंगाना, राजस्थान, ओडिशा और चंडीगढ़ के कलाकारों ने एक ही चट्टान के टुकड़ों को तराश कर तैयार की हैं। सभी मूर्तियां महाभारत पर आधारित विषयों पर तैयार की गई हैं। वहीं इनमें आजादी का अमृत महोत्सव और गीता को भी दर्शाया गया है। मात्र 18 दिन में इन कलाकृतियां को तैयार किया गया है। अधिकारियों की मानें तो परियोजना का उद्देश्य हरियाणा में लुप्त होती कला को बढ़ावा देना, ब्रह्मसरोवर के सौंदर्य को बढ़ाना और युवा शिल्पकारों व कलाकारों को एक मंच प्रदान करना है। संवाद
शिल्प कला उद्यान में स्थापित की गई मूर्तियां : छाबड़ा
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कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा का कहना है कि इन मूर्तियों को ब्रह्मसरोवर तट पर ही द्रोपदी कूप के समीप शिल्प कला उद्यान में स्थापित किया गया है। प्रयास है कि इस उद्यान का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से कराया जाए। ये समकालीन मूर्तियां पर्यटन को भी बढ़ावा देंगी और अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में भी आर्कषण का केंद्र बनेंगी।