कुरुक्षेत्र। जिला अस्पताल में बनने वाली सात मंजिला इमारत का निर्माण पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग के बीच फंसा हुआ है। करीब 88 करोड़ रुपये से बनने वाली इस इमारत के बाद जिला अस्पताल 100 की बजाए 200 बेड का हो जाएगा, मगर इमारत का निर्माण तो दूर खंडहर हो चुकी पुरानी इमारत को भी जमींदोज नहीं किया जा सका है। इसके लिए विभाग की ओर से पीडब्ल्यूडी को चार बार पत्राचार भी जा चुका है।
उधर, पीडब्ल्यूडी की ओर से इसके निर्माण के लिए दो बार टेंडर निकाला गया है, जिसमें पहली बार में केवल कंपनी ने आवेदन किया था, जिस कारण टेंडर सिरे नहीं चढ़ पाया। अब दोबारा टेंडर जारी किया गया तो उसमें दो से चार कंपनी की ओर से आवेदन किया गया, मगर इस बार यह मामला आचार संहिता के बीच फंस गया। यही कारण है कि पुरानी इमारत को अभी तक गिराया नहीं जा सका है। उम्मीद जताई जा रही है कि आचार संहिता के बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
यहां बता दें इस इमारत के निर्माण की घोषणा साल 2016 में हुई थी। विभाग तो यह भी दावा कर रहा है कि इसके निर्माण की लागत पीडब्ल्यूडी को सौंपी जा चुकी है, जबकि पीडब्ल्यूडी कोरोना महामारी को निर्माण में देरी की वजह बता रहा है। वहीं नई इमारत के निर्माण से अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो जाएगा। नई इमारत में प्रशासनिक भवन, सभी प्रकार के ओपीडी विभाग, नवजात शिशु देखरेख इकाई, तीन ऑपरेशन थियेटर और अत्याधुनिक प्रसूति विभाग सहित भू-तल पर पार्किंग की सुविधा भी होगी।
यह होगी संरचना
विभाग की ड्राइंग के मुताबिक भू-तल के ऊपर ही सभी विभाग की ओपीडी होगी ताकि मरीजों को ऊपर-नीचे भटकना न पड़े। पहली मंजिल पर भी ओपीडी और लेब का निर्माण होगा। दूसरी मंजिल पर ब्लड बैंक, आईसीयू और प्रसूति विभाग स्थापित किया जाएगा। तीसरी मंजिल पर डायलिसिस और प्रसूति ऑपरेशन थिएटर बनाया जाएगा। चौथी मंजिल पर तीन ऑपरेशन थिएटर होंगे, जबकि पांचवीं पर पुरुष एवं महिला वार्ड स्थापित किया जाएगा। छठी मंजिल पर निजी कक्ष और सातवीं पर प्रशासनिक भवन व स्टोर स्थापित किए जाएंगे।