कुरुक्षेत्र। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कुरुक्षेत्र और करनाल की टीम ने लाडवा थाने के एक हवलदार को 13 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी के कब्जे से राशि भी बरामद की है। आरोपी हवलदार ने दुर्घटना के मामले में वाहन की सुपुर्ददारी के एवज में 20 हजार रुपये मांगे थे। बाद में 13 हजार रुपये में बात पक्की हुई थी।
मनीष उर्फ मोंटी शर्मा निवासी यमुनानगर ने दर्ज शिकायत में बताया कि आठ अगस्त को बड़शामी के निकट उसके डंपर ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी थी, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने डंपर नंबर के आधार पर मामला दर्ज किया था। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने डंपर को अपने कब्जे में लिया था। इस डंपर की सुपुर्ददारी के लिए हवलदार रवि कुमार ने उनसे संपर्क किया था। साथ ही 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में उनकी बातचीत 13 हजार रुपये पक्की हुई थी। इसके बाद उसने मामले की शिकायत ब्यूरो में दर्ज कराई थी।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो करनाल के प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए मामले की जानकारी उपायुक्त शांतनु शर्मा को दी गई थी। उनके निर्देश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट शमशेर सिंह जिला निरीक्षक हैफेड कुरुक्षेत्र की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया। रविवार को आरोपी थाना परिसर के बने कमरे में मौजूद था। जैसे ही उसने शिकायतकर्ता से 13 हजार रुपये लिए, इशारा मिलते ही टीम ने उस रंगे हाथ काबू कर लिया।
जितने वकील को देने हैं उतने दे देना
मोंटी शर्मा ने बताया कि डंपर की सुपुर्ददारी नहीं की गई तो उसने वकील किया था। उस वकील के साथ उसकी 20 हजार रुपये में बातचीत पक्की हुई थी। आरोपी ने वकील का हवाला देकर उससे 20 हजार रुपये ही मांगे थे। साथ ही इसमें 10 हजार रुपये खर्च होना भी बताया था।