पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में वीरवार को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. नीरज कुमार अग्रवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने सूक्ष्म जीवों का महत्व एवं प्रकृति संरक्षण विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण एवं प्रकृति संसाधनों के अंधा-धुंध दोहन पर चिंता जताई। केंद्र के शिक्षा अधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि केंद्र में प्रकृति संरक्षण पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल, गीता निकेतन आवासीय विद्यालय, सहारा कम्प्रेहैन्सिव स्कूल, कैंब्रिज वर्ल्ड स्कूल, विजडम वर्ल्ड स्कूल, टैगोर ग्लोबल स्कूल, ओएसडीएवी स्कूल एवं भारत पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में आशिमा, शगुन, कंगना, अक्षिता, सहज, प्रणव, पार्थ, वनिका, तनिष्का, चिरंजीव, वैभव, प्रियम, अभिनव शर्मा और रूबल को विजेता घोषित किया गया।
उन्होंने बताया कि आज वैश्विक उन्नति के लिए प्रकृतिक संसाधनों का उचित मात्रा में उपयोग अति आवश्यक है। अंधा-धुंध वन कटाव के कारण जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याएं हमारे सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि आज प्लास्टिक प्रदूषण का पर्याय बन चुका है, लेकिन सूक्ष्मजीवों के द्वारा अनुसंधान के माध्यम से बायोप्लास्टिक का निर्माण संभव हो पाया हैं। केंद्र के परियोजना समन्वयक सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि प्रकृति संरक्षण हम सभी की जिम्मेवारी है। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति संरक्षण संबंधी विभिन्न समस्याएं जैसे प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों का घटता क्षेत्रफल तथा मानव की बदली हुई जीवनशैली का प्राकृतिक संसाधनों एवं पर्यावरण पर प्रभाव इत्यादि के बारे में बच्चों को बताया। उन्होंने बताया कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस जैसे कार्यक्रमों को मनाने का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में प्रकृति संरक्षण के प्रति वैज्ञानिक जागरूकता लाना एवं उनका ज्ञानवर्धन करना है।