यमुनानगर। कष्ट निवारण समिति की बैठक में अब किसी व्यक्ति को यदि कोई शिकायत शामिल करवानी है तो उसे अपनी पहचान के तौर पर कोई आईडी या फिर आधार कार्ड की कॉपी साथ लगानी होगी। बिना आईडी किसी की भी शिकायत को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि अब बैठक में झूठी शिकायतें भी आने लगी हैं। शुक्रवार को जो बैठक हुई थी उसमें मॉडल कॉलोनी निवासी समय सिंह अग्रवाल के नाम से झूठी शिकायत आई थी। शिकायत की जांच करने के लिए जब प्रशासन ने पत्राचार किया तो इस नाम का कोई व्यक्ति पते पर नहीं मिला। इसे गंभीरता से लेते हुए परिवहन एवं महिला बाल विकास विभाग के राज्य मंत्री असीम गोयल ने अधिकारियों को शिकायत के साथ आईडी लगाने के निर्देश दिए।
लघु सचिवालय में शुक्रवार को हुई जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में असीम गोयल ने 12 परिवाद सुने। इनमें से 11 परिवादों का मौके पर अधिकारियों को निर्देश देकर उनका निराकरण करवाया और एक परिवाद को अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्यों को 48 घंटे पहले घर पर बैठक का एजेंडा पहुंचाए और सभी सदस्यों को सम्मान पूर्वक बिठाए। बैठक शुरू होने से पहले ही कई सदस्यों ने एजेंडा न मिलने की बात कही थी। बैठक में बरखा स्याल का परिवाद था कि एचडीबी फाइनेंस कंपनी पर उनका कुछ इंश्योरेंस बकाया है।
इसके लिए मंत्री ने पिछली बैठक में इसकी कार्यवाही के लिए एलडीएम को निर्देश दिए थे, इस पर संज्ञान लेते हुए एलडीएम ने रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताया कि परिवादी को 10 लाख रुपये कंपनी से दिलाए जाएंगे, परिवादी भी मंत्री के सामने संतुष्ट दिखाई दिए। मुसिंबल गांव की खुशी ने लंबित परिवाद में कहा कि उनका आधा कार्य पूरा हो गया है। उनकी पूरी जमीन का इंतकाल नहीं हो पाया है। मंत्री ने डीआरओ को मामले की जांच करके मामला निपटाने को कहा। वहीं जगाधरी के कुछ कॉलोनी वासियों ने गेट खुलवाने की बात रखी, इस पर मंत्री ने कहा कि इन गेटों पर दोनों पक्ष अपना-अपना चौकीदार रखें ताकि चौकीदार जरूरत के अनुसार गेट को खोले व बंद करेंगे तो सुरक्षा की दृष्टि से भी सही रहेगा। मेहर माजरा वासी भूपेंद्र सिंह का परिवाद था कि उन्होंने कनलसी गांव में क्रशर व स्क्रीनिंग प्लांट लगाया है। परंतु इस प्लांट के पास जो गांव की जमीन लगती है, उन्होंने आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया है।
मंत्री ने कहा कि यह मामला जिला कष्ट निवारण समिति का नहीं है, ऐसे फैसले आपसी भाईचारे से हल होते है। इसके बावजूद भी मंत्री ने एडीसी को इसके लिए संबंधित एसडीएम, नायब तहसीलदार, डीएसपी की संयुक्त कमेटी बैठाकर दोनों पक्षों को बुला कर समझाने को कहा। कांसापुर की राजो देवी ने बिजली के कनेक्शन संबंधी शिकायत रखी जिस पर बिजली अधिकारी ने बताया कि जो भी बकाया बिल परिवादी ने देना है, वह उसको जमा करवाए। बिजली का कनेक्शन दे दिया जाएगा। बैठक में गूगलों गांव के जीत राम ने सिंचाई विभाग के अधिकारी पर आरोप लगाया कि उनके खेतों में पाइप लाइन नहीं दबाई गई है जबकि उनके पड़ोस के खेतों में दबाई जा चुकी है।
इसके लिए वह 45 साल से केस लड़ रहा था, लेकिन सरस्वतीनगर तहसील में स्टेनो लगे उसके भतीजे ने उसके केस को रद्द करवा दिया। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि धान कटने के तुरंत बाद परिवादी के खेत में पाइप लाइन डाल दी जाएगी। मंत्री ने उसके भतीजे को वहां से हटाकर किसी स्टोर में लगाने को कहा। इसके लिए मंत्री ने डीआरओ व कमेटी के सदस्य की एक कमेटी बनाकर जांच करने को कहा। बैठक में यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, जिला परिषद के अध्यक्ष रमेश ठसका, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजेश सपरा, एसपी गंगाराम पूनिया, एडीसी आयुष सिन्हा, सीईओ जिला परिषद पंकज सेतिया, एसडीएम जगाधरी सोनू राम, एसडीएम छछरौली राजेश पूनिया, एसडीएम बिलासपुर देवेंद्र शर्मा, एसडीएम रादौर जय प्रकाश, सिटीएम पीयूष गुप्ता, पूर्व विधायक ईश्वर पलाका उपस्थित रहे।