कुरुक्षेत्र। देश के 30 आईकोनिक केंद्रों में शुमार पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर अब बनारस व हरिद्वार की तर्ज पर की जाने वाली महाआरती के दौरान मंत्रोच्चारण के साथ रंगीन फव्वारे भी चलेंगे। करीब पांच साल पुरानी परियोजना अब जल्द पूरी हो जाएगी। इसके लिए काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि अगले 10 दिनों तक ही यह कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद ब्रह्मसरोवर का महाआरती स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगा।
जानकारी के अनुसार विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मसरोवर पर करीब सात साल पहले बनारस व हरिद्वार की तर्ज पर महाआरती शुरू की गई थी। कुछ समय बाद यहां महाआरती के साथ भव्य म्यूजिकल फाउंटेन लगाने का भी निर्णय लिया गया था। इस परियोजना को उस समय सरकार ने मंजूर भी कर लिया था। करीब दो साल बाद इसका बजट भी मंजूर हो गया। परियोजना पर करीब एक करोड़ 45 लाख रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया था। भव्य म्यूजिकल फाउंटेन लगाने का काम भी शुरू हो गया था। इसके लिए ब्रह्मसरोवर का पानी भी कम किया गया और फाउंटेन के लिए बेस भी बनाए गए थे। इसके बाद ये परियोजना औपचारिकताओं और फिर कोरोना महामारी के चक्कर में अटकी रही। इसके बाद कुछ दिन पहले केडीबी की ओर से इस परियोजना पर काम शुरू करा दिया गया और 10 दिनों में इसके पूरा होने का अनुमान है।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने केडीबी की ओर से करीब 51 लाख का बजट जारी होने के बाद परियोजना पर कार्य शुरू कराया और फाउंटेन के लिए बेस बनाने शुरू किए थे। वहीं उसी दौरान यहां एलईडी भी लगाई गई थी। महाआरती इस एलईडी पर दिखाई देती है, जिसका आनंद पर्यटक भी भरपूर उठाते हैं। एलईडी लगने के बाद यहां फाउंटेन का काम अब तक अटका रहा। परियोजना कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने इसके लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की इलेक्ट्रिक शाखा को जिम्मा सौंपा था। इस संबंध में केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि महाआरती स्थल पर भव्य फाउंटेन लगाए जाने की परियोजना अगले दस दिन तक पूरी होने की संभावना है। इसके लिए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित कर दिया गया है। जल्द ही यह म्यूजिकल फाउंटेन शुरू कर दिया जाएगा, जो यहां आने वाले पर्यटकों के लिए बेहद रोमांचक व अद्भुत होगा। इससे कुरुक्षेत्र के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। संवाद
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महाआरती की लय पर चलेगा फव्वारा
ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में महाआरती स्थल पर शाम के समय महाआरती की जाती है, जहां अब म्यूजिकल फाउंटेन महाआरती के सुर व लय के अनुसार ही जेट की मदद से फव्वारा चलेगा। इन जेट की मदद से पानी पर संगीत के साथ आकृति बनेगी। यह फव्वारा 15 फुट चौड़ा व 50 फुट लंबा है। इसके लिए महाआरती स्थल के पास ही पुरुषोत्तमपुरा बाग में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित कर दिया गया है।