सोमवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए थे। हल्की बूंदाबांदी ने ठंडी हवाओं के साथ दस्तक दी तो मौसम सुहाना हो गया है। पिछले कई दिनों से दोपहर के समय पड़ रही गर्मी से लोगों को निजात मिली है। इसके साथ ही करीब 1 बजे सूर्य देवता ने दर्शन दिए है। वहीं श्री कृष्ण संग्रहालय, पैनोरमा विज्ञान केंद्र व शेख चिल्ली मकबरे पर पर्यटकों ने मौसम का आनंद लेते दिखे। पिछले दिनों अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। बूंदाबांदी के बाद तापमान घटकर 29 डिग्री हो गया है। किसान गुरप्रीत का कहना है कि ये मौसम में बारिश व हवाएं आने से गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है। इस समय गेहूं में अंतिम पानी का सीजन होता है और फसलों की जड़े नरम होती है, लेकिन हवाएं चलने पर फसल बिछने का डर होता है। इसके साथ ही मार्च माह में गेहूं के दाने न बूर बनने लगे है। हवां चलने के पश्चात वह झड़ जाता है, जिस कारण पैदावार में कम होती है। वहीं इस समय सरसों की कटाई शुरू हो गई है और बारिश और हवा चलने पर सरसों पूरे खेत में बिखर जाती है। इसके साथ ही मक्के को छोड़कर अन्य सब्जियों के लिए ये मौसम नुकसानदायक है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक बारिश आने की संभावना है। इसके साथ आज का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री व अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस माना गया है।