जिला खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियत्रंक नरेंद्र सहरावत ने कहा कि कोरोना महामारी के रोकथाम के लिए जिला प्रशासन जी जान से जुटा हुआ है। उपायुक्त धीरेंद्र गडगटा के दिशा निर्देशानुसार निर्धारित दामों से अधिक राशि वसूलने वाले व स्टाक जमा करने वाले दुकानदारों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। जांच के दौरान खाद्य आपूर्ति एवं नापतोल विभाग की संयुक्त टीम ने शहर की 12 दुकानों के स्टॉक और रेट लिस्टों को चेक किया। चेकिंग के दौरान टीम को झांसा रोड पर विकास करियाना स्टोर व खरैती लाल करियाणा स्टोर के मालिकों द्वारा निर्धारित दरों से अधिक दामों पर आवश्यक वस्तुएं ब्रिकी करते हुए पाया गया है। जिसके कारण नापतोल विभाग के निरीक्षक कुलदीप सिंह द्वारा दोनों दुकानदारों का चालान किया गया। उन्होंने कहा कि जिले में उपभोक्ताओं को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की ज्यादा जमाखोरी करने की जरूरत नहीं है। जिले में अभी तक आवश्यक वस्तुओं के स्टाक की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके अलावा टीम द्वारा जिला के 30 मेडिकल स्टोरों की भी जांच की गई। उन्होंने निर्धारित दरों पर सामान बेचने वाले दुकानदारों को सचेत करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जागरूक करने के बावजूद यदि दुकानदार नही सुधरते तो उनके खिलाफ एफआईआर के साथ 5 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना दोनों एक मुस्त में किए जा सकते हैं। ऐसे में कोरोना महामारी के संकट की इस घड़ी से निपटने के लिए संबधित दुकानदार दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं उपभोक्ताओं का निर्धारित दरों पर उपलब्ध करवाने का काम करें। ताकि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि पहले चरण में अब तक 92 प्रतिशत राशन का वितरण हो चुका है। दूसरे चरण में अभी तक 18 प्रतिशत राशन उपभोक्ताओं में वितरित किया जा चुका है। उन्होंने डिपो संचालकों को कहा कि वे राशन वितरित करते समय सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए मुंह पर मास्क लगाकर घर-2 जाकर पात्र कार्ड धारकों को निशुल्क राशन वितरित करने का काम करें। यदि किसी डिपो संचालक द्वारा किसी कार्ड धारक से राशन देने के बदले रुपए लेने व अनाज न देने पर परेशान करने की शिकायत आई तो उसके खिलाफ शिकायत मिलते ही तुरंत प्रभाव से विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।