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Kurukshetra News: हनुमान चालीसा का जाप कर लड्डुओं का लगाया भोग

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कुरुक्षेत्र। श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि का पाठ करते हुए हनुमान भक्तों ने जिले भर में हनुमान जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों में सुबह से ही पहुंचे श्रद्धालुओं में गहरी आस्था देखने को मिली। मंदिरों में पहुंचकर हनुमान भक्तों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया तो वहीं कुछ श्रद्धालु भगवान हनुमान जी को लड्डुओं का भोग लगाते दिखाई दिए।
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जिले भर के मंदिरों में हनुमान जयंती को लेकर सुंदर कांड के पाठ के साथ-साथ भंडारों का आयोजन भी किया गया, जिसमें भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भंडारा ग्रहण किया।
प्राचीन श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पंडित प्रेम कुमार ने बताया कि सुबह ध्वजारोहण के पश्चात दस बजे सवा मन लड्डुओं के साथ हनुमान जी को भोग लगाया गया और सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके पश्चात भंडारे का आयोजन किया, जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भंडार ग्रहण किया। उधर गांव हलालपुर में हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर स्टालवार्ट फाउंडेशन के चेयरमैन एवं समाजसेवी संदीप गर्ग ने बतौर मुख्यातिथि कहा कि भगवान श्री हनुमान जी भगवान श्री राम के परम भक्त हैं, इसलिए हम सभी को श्री हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान भजन संध्या के साथ-साथ भंडारे का आयोजन किया गया।
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हवन और भंडारे का आयोजन किया
ब्रह्मसरोवर तट स्थित प्राचीन श्री दुर्गा माता एवं राधा कृष्ण मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर हवन और भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित तुषार गौड़ ने बताया कि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन चैत्र पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। चैत्र माह की पूर्णिमा नए वर्ष की पहली पूर्णिमा होती है। धार्मिक मान्यताएं हैं कि चैत्र पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की उपासना करने से धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि भी आती है। हिंदू धर्म में चैत्र पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसी दिन भगवान हनुमान जी का जन्म उत्सव मनाया जाता है।

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धूमधाम से मनाई हनुमान जयंती

बाबैन। गांव बरगट जाटान के हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में के दौरान मंदिर के परिसर में हवन यज्ञ और सुंदर कांड का पाठ किया गया। आचार्य ओमप्रकाश ने कहा कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस दिन को हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं। इस दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही भक्त बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत भी रखते हैं। हनुमान जयंती के दिन चैत्र पूर्णिमा होने से इस दिन का महत्व और बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर में रामचरितमानस और बाल कांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदरकांड, लंका कांड एवं उत्तरकांड का विशेष पाठ किया गया।

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आर्दश स्कूल में मनाई हनुमान जंयती -
बाबैन। बाबैन के आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल बरगट जट्टान में हनुमान जयंती का आयोजन धूम-धाम से किया गया। सुबह के समय भगवान हनुमान जी का अभिषेक किया गया और पुष्प अर्पित किए गए। इस कार्यक्रम में कक्षा तीसरी की छात्रा पेविन ने हनुमान चालीसा के पाठ का उच्चारण कर सबको भगवान हनुमान के आदर्शों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाचार्य रोबिन कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्रों को हनुमान जी के जीवन के बारे में विस्तार से बताया और उनके जीवन से सीख लेकर अपने जीवन में अपनाने के लिए कहा।

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श्री अद्वैत स्वरूप अनंत आश्रम में हनुमान चालीसा पाठ किया
राजेंद्र नगर स्थित श्री अद्वैत स्वरूप अनंत आश्रम नंगली वाली कुटिया में हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। आश्रम के संत निर्विकार पुरी ने कहा कि हिंदू धर्म में चैत्र पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन लोग व्रत, उपवास रखते हैं और हनुमानजी को भोग लगाकर सुंदरकांड का पाठ करते हैं। इस दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन मुहैया करवाने का भी विशेष लाभ प्राप्त होता हैं।

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फोटो 26
जीवन दर्शन है हनुमान जी का चरित्र
मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों की ओर से हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। इस अवसर पर डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा हनुमान जी का चरित्र एक जीवन दर्शन है। हनुमान जी के चरित्र में शक्ति संचय और उसका सदुपयोग, भगवान की भक्ति आदि का पूर्ण विकास होने के कारण व उनकी आराधना करने से जीवन में साहस और धैर्य प्राप्त होता है। डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा यदि आज के युवा हनुमान जी के जीवन चरित्र को अच्छी तरह से समझें तो समाज की तमाम बुराइयों व निराशावादी वातावरण का सहज अंत हो जाएगा।

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जयराम विद्यापीठ में धूमधाम से मनाई हनुमान जयंती
ब्रह्मसरोवर के तट पर जयराम विद्यापीठ में भी हनुमान जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में मंत्रोच्चारण के साथ श्री हनुमत ध्वजारोहण किया गया और भगवान हनुमान को भोग लगाया गया। इसके पश्चात हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया गया।अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान की ओर से मेजर नितिन बाली गीता निकेतन विद्या मंदिर में भी हनुमान जयंती धूमधाम से मनाई गई। विद्यालय के प्राचार्य सोमदत्त ने बताया कि हनुमान आठ चिरंजीवी में से एक हैं, उन्हें अमर होने का वरदान प्राप्त है, कहा जाता है कि भगवान श्रीराम से अमर होने का वरदान पाने के बाद हनुमान जी ने गंधमादन पर्वत पर निवास बनाया और इसी स्थान पर कलयुग में धर्म के रक्षक के रूप में हनुमान जी निवास करते हैं।
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सेवा ट्रस्ट यूके ने मनाई हनुमान जयंती

सेवा ट्रस्ट यूके (इंडिया) की ओर से संकट मोचन श्री बाला जी मंदिर खेड़ी ब्राह्मण में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर रियल जूस का विशाल लंगर लगाया गया। सेवा ट्रस्ट यूके भारत के जिला कोऑर्डिनेटर पवन मित्तल व योगेश गर्ग ने भगवान हनुमान के जीवन के बारे में बताते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने के लिए कहा।
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