कुरुक्षेत्र। जिले में महाशिवरात्रि पर्व की धूम है। शुक्रवार को यह पर्व मनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की गई हैं। सभी शिवालयों को दुल्हन की तरह सजाया गया है तो अपने-अपने स्तर पर भी शिव भक्तों ने खास तैयारी की है। पर्व के लिए पिछले कई दिनों से तैयारी की जा रही थी, जिन्हें वीरवार को भी अंतिम रूप दिया जाता रहा। एक दिन पहले बुधवार को भी विभिन्न धार्मिक संस्थानों की ओर से भोले बाबा की बरात धूमधाम से निकाली गई, जिसमें हजारों शिव भक्त शामिल रहे। वहीं आज महाशिवरात्रि पर्व को लेकर भी हर शिव भक्त उत्साह से लबरेज है।
धर्मनगरी में मुख्य कार्यक्रम स्थाणेश्वर महादेव मंदिर, दुखभंजन महादेव मंदिर, जयराम विद्यापीठ स्थित श्री रामेश्वर महादेव मंदिर में होंगे जबकि पिहोवा के अरुणाय स्थित महादेव मंदिर में भी इस पर्व को लेकर खास तैयारी की गई है। पर्व के चलते जगह-जगह धार्मिक अनुष्ठान से लेकर भंडारे भी लगाए जाने की तैयारी की गई है। एक दिन पहले हरिद्वार से कावड़ लेकर आने वाले शिव भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।
शिवलिंग पर सर्वकल्याण की भावना से पूजन होगा
जयराम विद्यापीठ में स्थित श्री रामेश्वर महादेव मंदिर में विद्यापीठ के ट्रस्टियों एवं शिव भक्तों द्वारा शंखनाद व महामृत्युंजय मंत्र जाप के साथ महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक किया जाएगा। जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला ने बताया कि जयराम विद्यापीठ में पूरा दिन महाशिवरात्रि पर दूर-दूर से आने वाले यजमानों एवं शिव भक्तों के लिए ब्रह्मचारियों द्वारा महाभिषेक एवं विश्व के दुर्लभ स्फटिक मणि शिवलिंग पर सर्वकल्याण की भावना से पूजन होगा। उन्होंने बताया कि भगवान शिव कल्याण के देवता माने जाते हैं। पूजा से शीघ्र ही प्रसन्न होकर मनचाहा वरदान देने वाले भगवान शिव को उनके भक्त देवों के देव महादेव, औढरदानी, भोलेनाथ, शंकर, गंगाधर, नीलकंठ, बाबा आदि नाम से बुलाते हैं। सिंगला ने कहा कि शिव की साधना का सबसे बड़ा महापर्व महाशिवरात्रि को माना गया है।