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भारतीय पंचांग कैलेंडर से मनाएं नर्व वर्ष : महंत पुरी

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कुरुक्षेत्र। पाश्चात्य सभ्यता का अनुसरण करते हुए 1 जनवरी को भारतीयों का नववर्ष मनाना ठीक नहीं है। अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी ने कहा कि भारतीय परंपराओं और संस्कृति के अनुसार नववर्ष 1 जनवरी के बजाय भारतीय पंचांग कैलेंडर के अनुसार मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष का पहला दिन यानी सृष्टि का आरंभ दिवस है। भारतवर्ष में ऋतु परिवर्तन के साथ ही भारतीय नववर्ष प्रारंभ होता है। महंत ने कहा कि यह दिवस भारतीय इतिहास में अनेक कारणों से महत्वपूर्ण है। पुराण-ग्रंथों के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को ही ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। इसलिए भारतीय संस्कृति अनुसार भारतीय नववर्ष का पहला दिन अत्यंत हर्षोल्लास से मनाते हैं।
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