संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के लिए अभ्यर्थियों को निशुल्क परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए सरकार के दावे हवा हवाई हो गए। इन अभ्यर्थियों के लिए जिला प्रशासन ने स्कूल, सहकारी समिति व रोडवेज की 105 बसों का इंतजाम किया था। इसके अलावा सरकार ने रोडवेज सहित सहकारी समिति की बसों में एडमिट कार्ड दिखाकर निशुल्क सफर कराने का फरमान जारी लागू था, मगर सहकारी समिति के बस संचालकों पर सरकार के फरमान का कोई असर नहीं दिखाई दिया।
समिति की बस संचालकों ने अभ्यर्थियों से पूरा किराया वसूल किया। अभ्यर्थियों ने मामले की शिकायत रोडवेज विभाग के अधिकारियों को सौंपकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। अधिकारियों ने इस शिकायत को आरटीए को भेजकर कार्रवाई करने की सिफारिश की है। अभ्यर्थी किरण बाला ने बताया वह पानीपत से इस्माईलाबाद सीईटी का पेपर देने आई थी। उसके साथ उसके पिता कर्म सिंह भी थे। पानीपत से अन्य अभ्यर्थी भी परीक्षा के लिए इस्माईलाबाद पहुंचे थे।
सरकार की घोषणा के अनुसार वह अपने पिता के साथ बस में निशुल्क पानीपत से इस्माईलाबाद पहुंची थी। परीक्षा के बाद वह बस का इंतजार कर रहे थे, मगर उन्हें कुरुक्षेत्र के लिए कोई बस नहीं मिली तो वह लोग पिहोवा आने के लिए सहकारी समिति की बस में चढ़ गए। परिचालक ने उनसे टिकट लेने के बारे में पूछा तो उसने अपना एडमिट कार्ड दिखा दिया, मगर परिचालक ने उन्हें एडमिट कार्ड देखने से मना करते हुए टिकट लेने को कहा दिया।
इस पर उसने व उसके पिता ने बताया कि सरकार ने सीईटी अभ्यर्थियों के लिए निशुल्क सफर का ऐलान किया हुआ। इस पर परिचालक भड़क गया और नीचे उतारने की धमकी देने लगा। मजबूर होकर उन्होंने पिहोवा तक का किराया लेना पड़ा। उनके साथ कई अन्य अभ्यर्थी भी बस में मौजूद थे। उनके विरोध का भी परिचालक पर कोई असर नहीं हुआ।
कार्रवाई के लिए आरटीए के पास भेजी शिकायत
पिहोवा बस अड्डा प्रबंधक सुुरेंद्र कुमार ने बताया कि पानीपत के रहने वाले कर्मचंद की ओर से एक समिति की बस के खिलाफ किराया वसूलने की शिकायत मिली है। सरकारी आदेश के बाद भी परिचालक ने परीक्षा देने आई उनकी बेटी सहित कई अभ्यर्थियों से किराया वसूला है। शिकायत को आटीए और परिवहन मंत्री के पास भेजकर कार्रवाई की सिफारिश की गई है।