कुरुक्षेत्र। बिरला मंदिर जमीन के कथित सौदे को लेकर लोगों का विरोध थम नहीं रहा है। बिरला मंदिर बचाओ संघर्ष समिति ने जहां बुधवार को भी धरना जारी रखा वहीं उन्हें समर्थन देने के लिए वकील भी पहुंचे। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मनोज वशिष्ठ व उपभोक्ता फोरम के पूर्व जस्टिस दीनानाथ अरोड़ा सहित अन्य वकीलों ने भी न केवल धरने का समर्थन किया बल्कि इसकी जमीन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने का भी भरोसा दिया।
समिति के अध्यक्ष अशोक शर्मा पहलवान ने कहा कि हर शहरवासी इस जमीन को बचाना चाहता है। जहां विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं इस आंदोलन को समर्थन दे चुकी हैं वहीं संत भी इस सौदेबाजी का कड़ा विरोध धरना स्थल पर पहुंचकर जता चुके हैं। अब वकील भी इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। ऐसे में यह स्पष्ट है कि हर कोई बिरला मंदिर की जमीन को बचाना चाहता है, क्योंकि इससे हर किसी की भावना जुड़ी हुई है।
वहीं दीनानाथ अरोड़ा ने कहा कि बिरला मंदिर शहर की धरोहर है और इसे इस तरह से मिटने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए हर कानूनी प्रक्रिया के लिए भी वे तैयार है। वहीं एडवोकेट मनोज वशिष्ठ, गुरलाल सहित अन्य अधिवक्ताओं ने कहा कि बिरला मंदिर की जमीन पर व्यावसायिक साइट बनाने के लिए सौदेबाजी किसी भी स्तर पर सही नहीं हो सकती। इसका हर शहरवासी विरोध कर रहा है और प्रशासन को भी इस पर संज्ञान लेते हुए आगे आना चाहिए। धरने पर बैठे लोगोें को ब्राह्मण समाज के नेता पवन शर्मा ने भी संबोधित किया तो वहीं इस दौरान विशाल, गोपाल, अश्वनी शर्मा, राजेश सिंगला, रघुवीर गर्ग, विरेंद्र राणा, मुनीष शर्मा, पाला राम, बालकिशन, प्रमोद कुमार सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग भी शामिल रहे।