कुरुक्षेत्र। भारतीय योग संस्थान जिला इकाई ने योगाश्रम मिर्जापुर में शंख प्रक्षालन क्रिया का अभ्यास कराया। इसमें 50 साधकों और 10 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। वरिष्ठ साधक ओमप्रकाश बाजवा ने भजन प्रस्तुत किए। प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. गुलशन ग्रोवर ने घुटनों की सूक्ष्म क्रियाएं कराईं। कोषाध्यक्ष सुरेश अरोड़ा ने शंख प्रक्षालन का अर्थ, लाभ और सावधानियां बताते हुए ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, कटि चक्रासन, तिर्यक भुजंगासन और उदराकर्षण आसन सहित पांच मुख्य आसनों का अभ्यास कराया। संरक्षक मनीराम सैनी ने आसन प्रदर्शन किए। कुंजल, रबड़, सूत्र और जल नेति जैसी शुद्धि क्रियाएं भी की गईं। इसके बाद तीस मिनट का शवासन कराया गया। डॉ. ग्रोवर ने बताया कि शंख प्रक्षालन से अंतर्वाहिनी नली शुद्ध होती है। आंतों की कमजोरी, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और अल्सर के रोगियों को यह क्रिया नहीं करनी चाहिए।